लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा को आरक्षण विरोधी बताने पर पार्टी नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव जनता की भावनाओं को भड़काकर सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते कहा, “समाजवादी पार्टी तरहतरह के गुमराह करने वाले और गैरजिम्मेदाराना बयान दे रही है। वे विकास के मुद्दे पर बात क्यों नहीं करते? वे कानूनव्यवस्था पर बात करें। इस तरह जनता की भावनाओं को भड़काकर आप सफलता हासिल नहीं कर सकते।”
अखिलेश यादव के बयान पर मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “भारतीय जनता पार्टी में समाज का अंतिम व्यक्ति भी देश के सर्वोच्च स्थान पर जाने का सपना देख सकता है।”
उन्होंने कहा, “हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सामान्य परिवार से आते हैं। आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज देश की प्रथम महिला हैं। यह भाजपा में संभव है, सपा समाजवाद की बात जरूर करती है लेकिन सत्ता पूरी अपने घर में रखने का काम करती है। सपा का एक कार्यकर्ता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष या मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देख सकता है। उन्हीं की समाज से कई लोग हैं, जो भाजपा में शासित राज्यों में मुख्यमंत्री बन चुके हैं।”
इससे पहले, गुरुवार को अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “कहा कि भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक है। लोकतांत्रिक मूल्यों को नहीं मानती है। भाजपा आरक्षण के खिलाफ है। पिछड़े, दलितों और आदिवासियों के आरक्षण के साथ ही महिला आरक्षण के भी खिलाफ है। यह सरकार अल्पसंख्यकों का हक और सम्मान नहीं देना चाहती। अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों और मदरसों पर इनकी नजर है।”


