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​BRICS Summit 2026: S-400 के बाद Su-57 की बारी? रूस से ये डील कर सकता है भारत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिन के भारत दौरे पर पहुंचे. अपने दौरे के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और में हिस्सा लेंगे. पुतिन के इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि भारत और रूस के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा संबंधों के साथसाथ यूक्रेन युद्ध भी बातचीत के अहम मुद्दे हो सकते हैं.

​BRICS Summit 2026: S-400 के बाद Su-57 की बारी? रूस से ये डील कर सकता है भारत

पुतिन एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं. शुक्रवार दोपहर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत होनी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, दवा उद्योग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. इतना ही नहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों नेता रूसयूक्रेन युद्ध और शांति की कोशिशों पर भी बात कर सकते हैं. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद फरवरी 2022 से यह पहली बार है जब पुतिन रूस के बाहर किसी BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं.

भारत पहुंचने पर पुतिन का एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने स्वागत किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते लंबे समय से मजबूत हैं और दोनों देशों के बीच विशेष और रणनीतिक साझेदारी है.

रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस और S400 पर नजर

पुतिन के भारत दौरे में रक्षा सहयोग सबसे अहम मुद्दों में से एक हो सकता है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया है कि भारत और रूस ब्रह्मोस मिसाइलों को अपग्रेड करने पर बातचीत कर रहे हैं. रूस ने यह भी कहा है कि वह भारत को S400 एयर डिफेंस सिस्टम की बाकी डिलीवरी पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके अलावा भारत को रूस के SU57 लड़ाकू विमान देने की संभावित योजना पर भी चर्चा चल रही है.

दोनों देशों के बीच रक्षा के अलावा ऊर्जा सहयोग भी महत्वपूर्ण है. रूस के मुताबिक भारत और रूस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग मजबूत बना हुआ है. दोनों देश भारत में नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना पर भी बातचीत कर रहे हैं.

यूक्रेन युद्ध पर भी होगी बात

पुतिन और मोदी की मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज हुई हैं. हाल ही में दोनों नेताओं की SCO सम्मेलन के दौरान भी मुलाकात हुई थी. उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म करने की जरूरत बताई थी. उन्होंने पुतिन से युद्ध को जारी रखने के बजाय शांति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भी युद्ध खत्म कराने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा के दौरान यूक्रेन संकट पर बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है.

भारत और रूस के लिए क्यों अहम है दौरा?

पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. भारत इस मौके पर रूस के साथ व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है. वहीं रूस के लिए भारत के साथ मजबूत रिश्ते ऐसे समय में महत्वपूर्ण हैं, जब यूक्रेन युद्ध के कारण उसे कई भूराजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

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