
अमेठी में 18 वर्षीय युवती के लापता होने के बाद उसके परिवार के साथ कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बेटी की तलाश में परेशान परिवार को एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को एसपी कार्यालय का कर्मचारी बताया। उसने दावा किया कि युवती दिल्ली में है और पैसे देने पर एक घंटे के भीतर उसे बरामद करा दिया जाएगा।
बेटी के जल्द वापस आने की उम्मीद में परिवार ने फोन करने वाले व्यक्ति की बात पर भरोसा कर लिया और दो बार में कुल 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि पैसे मिलते ही आरोपी ने अपना फोन बंद कर लिया।
4 सितंबर को घर से लापता हुई युवती
मामला अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के जालिम का पुरवा मौजा बाबूपुर का है। यहां रहने वाले श्रवण के मुताबिक, वह 4 सितंबर को किसी काम से घर से बाहर गए थे। उस समय घर पर छोटे बच्चों के अलावा कोई नहीं था।
जब वह वापस लौटे तो उनकी 18 वर्षीय बेटी घर पर नहीं मिली। परिवार ने आसपास के लोगों और परिचितों से पूछताछ की और अपने स्तर पर भी काफी तलाश की, लेकिन युवती का कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस में दर्ज कराया गया मुकदमा
बेटी के लापता होने के बाद परिवार जामो थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 4 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
परिवार लगातार युवती के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच 9 सितंबर को श्रवण के पास एक व्यक्ति का फोन आया।
खुद को बताया SP कार्यालय का कर्मचारी
शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने युवती के बारे में कुछ जानकारी बताई और दावा किया कि उसका पता दिल्ली में चल गया है। उसने कहा कि अगर पैसे की व्यवस्था कर दी जाए तो करीब एक घंटे के अंदर युवती को बरामद कर परिवार के पास पहुंचा दिया जाएगा।
फोन करने वाले ने खुद को एसपी कार्यालय का कर्मचारी बताया। बेटी के बारे में जानकारी होने और पुलिस कार्यालय से जुड़ा होने का दावा करने के कारण परिवार को उसकी बात पर भरोसा हो गया।
दो बार में भेजे 10 हजार रुपये
परिवार ने आरोपी की बात पर भरोसा करते हुए ऑनलाइन माध्यम से दो बार में कुल 10 हजार रुपये भेज दिए। उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी बेटी जल्द घर वापस आ जाएगी।
लेकिन पैसे भेजने के बाद कथित तौर पर आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि बेटी की बरामदगी के नाम पर उनके साथ ठगी की गई है।
एक तरफ बेटी के लापता होने की चिंता और दूसरी तरफ ठगी का आरोप सामने आने से परिवार की परेशानी और बढ़ गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से दोबारा संपर्क किया।
पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
पुलिस के मुताबिक, युवती के लापता होने के मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है और उसकी तलाश की जा रही है। ठगी की शिकायत मिलने के बाद इस मामले में भी जांच शुरू कर दी गई है।
जामो थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि युवती के लापता होने की शिकायत पर मुकदमा दर्ज है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब युवती की तलाश के साथ उस व्यक्ति की पहचान करने में भी जुटी है, जिसने खुद को एसपी कार्यालय का कर्मचारी बताकर परिवार से पैसे लिए।


