
बिहार के भागलपुर में भाजपा नेता की हत्या के बाद अस्पताल में ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल की इमरजेंसी में एक बेटी अपने पिता के शव को देखकर बार-बार उन्हें उठाने की कोशिश कर रही थी। उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
बेटी अपने पिता के पास बैठकर रोते हुए कह रही थी, “पापा सोए क्यों हैं… उठिए न। अंकल, इन्हें डॉक्टर के पास ले चलिए।” उसकी मासूम पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों का दिल भर आया।
पिता को उठाने की कोशिश करती रही बेटी
भाजपा नेता उमा भूषण तांती की हत्या के बाद उनका शव अस्पताल लाया गया था। पिता की हालत देखकर उनकी बड़ी बेटी डोली बदहवास हो गई थी। वह बार-बार शव को झकझोरकर उठाने की कोशिश कर रही थी।
उसे उम्मीद थी कि शायद डॉक्टर इलाज करके उसके पिता को ठीक कर देंगे। इसी उम्मीद में वह वहां मौजूद लोगों से पिता को डॉक्टर के पास ले जाने की गुहार लगाती रही।
विधायक को भी नहीं रोक पाए आंसू
घटना की जानकारी मिलने के बाद भागलपुर के विधायक रोहित पांडेय भी अस्पताल पहुंचे थे। बेटी को इस हालत में देखकर विधायक खुद भी भावुक हो गए।
बेटी ने विधायक की तरफ देखते हुए उनसे पिता को डॉक्टर के पास ले जाने की गुहार लगाई। बेटी की बात सुनकर विधायक उसे ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, लेकिन इस दर्दनाक दृश्य के बीच उनके लिए भी अपने आंसू रोक पाना मुश्किल हो गया।
‘पापा ने किसी का क्या बिगाड़ा था?’
पिता को खोने के सदमे में बेटी बार-बार यही सवाल कर रही थी कि आखिर उसके पिता की किसी से क्या दुश्मनी थी। उसने कहा कि उसके पिता किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करते थे और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे।
परिवार के मुताबिक, सामाजिक और जनसेवा के कामों में उमा भूषण की सक्रिय भूमिका रहती थी। उनकी हत्या की खबर के बाद परिवार और परिचितों में गहरा दुख फैल गया था।
अस्पताल में मचा रहा कोहराम
उमा भूषण के शव के अस्पताल पहुंचते ही बड़ी संख्या में परिजन और परिचित वहां जुट गए थे। परिवार के लोग शव से लिपटकर रो रहे थे। उनके सगे और ममेरे भाई भी खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।
छह भाइयों के परिवार में उमा भूषण सबसे बड़े बताए गए थे और परिवार के लिए उनका महत्वपूर्ण स्थान था। उनकी अचानक हुई हत्या से कुतूबगंज इलाके में भी मातम का माहौल बन गया था।
खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे विधायक
बताया गया कि हत्या की खबर मिलने के बाद विधायक रोहित पांडेय तुरंत अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें अपने साथी की हत्या पर गहरा सदमा लगा था।
विधायक ने कहा कि उमा भूषण पार्टी के कार्यक्रमों और सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय रहते थे। लोगों के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। ऐसे व्यक्ति की हत्या की घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया।
हत्या की घटना से इलाके में दहशत
भाजपा नेता की हत्या के बाद इलाके में शोक के साथ-साथ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। परिवार और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश था।
सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय सामने आया, जब मासूम बेटी अपने पिता को मृत मानने को तैयार नहीं थी और बार-बार उन्हें उठाने की कोशिश कर रही थी। उसकी पुकार और परिवार का विलाप अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया था।



