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सुंदर महिलाओं की डेड बॉडी से रे.प’ वाले बयान पर घिरे विधायक अभय मिश्रा, डॉक्टर संगठन ने जीतू पटवारी को लिखा पत्र

सुंदर महिलाओं की डेड बॉडी से रे.प’ वाले बयान पर घिरे विधायक अभय मिश्रा, डॉक्टर संगठन ने जीतू पटवारी को लिखा पत्र

मध्य प्रदेश के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के एक कथित विवादित बयान को लेकर डॉक्टर समुदाय में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विधायक द्वारा संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। बयान में मृत महिला के शव के साथ दुष्कर्म जैसी बेहद गंभीर बात कहे जाने के बाद अब चिकित्सा संगठनों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है।

मेडिकल टीचर एसोसिएशन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से लिखे गए पत्र में विधायक के बयान को चिकित्सकीय पेशे की गरिमा के विपरीत बताया गया है। संगठनों का कहना है कि बिना किसी ठोस तथ्य या प्रमाण के पूरे चिकित्सा तंत्र पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना डॉक्टर समुदाय की प्रतिष्ठा और उनकी पेशेवर निष्ठा पर सवाल खड़ा करता है।

डॉक्टर संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति

डॉक्टर संगठनों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि किसी अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना जनप्रतिनिधि का अधिकार है, लेकिन आरोप लगाते समय तथ्यों और प्रमाणों का ध्यान रखा जाना चाहिए। संगठनों के मुताबिक, इस तरह की भाषा से हजारों डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की छवि प्रभावित होती है। संगठनों ने मांग की है कि विधायक अभय मिश्रा अपने बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और यह स्पष्ट करें कि उनके आरोप किन तथ्यों या प्रमाणों पर आधारित थे।

विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें सेमरिया विधायक अभय मिश्रा संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए। इसी दौरान उन्होंने पोस्टमार्टम कक्ष में शवों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए। वीडियो सामने आने के बाद यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और मामले ने तूल पकड़ लिया।

डॉक्टर संगठनों का कहना है कि अस्पतालों की कमियों पर चर्चा और सुधार की मांग लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन किसी पूरे पेशे या चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले प्रमाण सामने रखना जरूरी है।

फिलहाल डॉक्टर संगठनों की मांग के बाद यह विवाद राजनीतिक और चिकित्सा दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और विधायक अभय मिश्रा की ओर से इस विवादित बयान पर कोई स्पष्टीकरण या सार्वजनिक माफी सामने आती है या नहीं।

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