मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। 36 साल के इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई और अपने प्रदर्शन से एक बार फिर साबित किया कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है। टूर्नामेंट के बाद शमी ने अपनी वापसी, मोटिवेशन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ ड्रेसिंग रूम के अनुभव को लेकर खुलकर बात की।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या बोले Mohammed Shami?
दलीप ट्रॉफी के दौरान मोहम्मद शमी को 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ समय बिताने का मौका मिला। शमी ने युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की और बताया कि वैभव काफी समझदार हैं तथा चीजों को जल्दी सीखते हैं।
शमी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वैभव सूर्यवंशी की उम्र लगभग उनके क्रिकेट करियर जितनी ही है। दोनों के बीच मैदान के बाहर भी मजाक चलता रहता था। शमी के मुताबिक युवा खिलाड़ियों को जरूरत से ज्यादा सिखाने के बजाय उन्हें अपनी समझ के मुताबिक आगे बढ़ने देना चाहिए, क्योंकि आज के खिलाड़ी कम उम्र में ही IPL जैसे बड़े मंच पर दबाव झेल चुके होते हैं।
टीम इंडिया में वापसी के लिए क्या है Mohammed Shami का मोटिवेशन?
मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं, लेकिन उनकी वापसी की भूख कम नहीं हुई है। उन्होंने साफ कहा कि जब सीने पर भारत का बैज होता है तो क्रिकेट का स्तर मायने नहीं रखता। इसी सोच के साथ वह हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं।
मोहम्मद शमी के लिए घरेलू क्रिकेट भी सिर्फ वापसी का जरिया नहीं है, बल्कि टीम के लिए जिम्मेदारी निभाने का मौका है। उनका मानना है कि जिस भी स्तर पर खेलने का मौका मिले, उसे पूरी ईमानदारी से भुनाना चाहिए। यही सोच उन्हें लगातार मेहनत करने और अगले स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
दलीप ट्रॉफी में Mohammed Shami ने दिया टीम इंडिया को बड़ा संदेश
दलीप ट्रॉफी 2026 में मोहम्मद शमी ने गेंद से अपनी फिटनेस और अनुभव का शानदार नमूना पेश किया। ईस्ट जोन ने 14 साल बाद खिताब अपने नाम किया और इस सफर में शमी का योगदान महत्वपूर्ण रहा। फाइनल में उन्होंने साउथ जोन की पहली पारी में 2 विकेट हासिल किए और अपनी गेंदबाजी से लगातार दबाव बनाया।
मोहम्मद शमी ने अब साफ कर दिया है कि उनकी नजर सिर्फ आज पर नहीं बल्कि अगले स्तर पर है। टीम इंडिया में वापसी भले ही आसान नहीं हो, लेकिन उनका मोटिवेशन अभी भी मजबूत है। युवा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके लिए अनुभव बांटने का मौका भी है और खुद को लगातार मैदान पर साबित करने की प्रेरणा भी।



