
लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने के लिए युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय उद्यम और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, रायबरेली में ‘यूपी राइज : संवाद, संकल्प, सफलता’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें 500 से अधिक छात्रछात्राओं ने हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए।
ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के चेयरमैन एवं जीएसटी ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के सदस्य मनीष खेमका ने युवाओं को प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स है, जो प्रदेश का डेमोग्राफिक डिविडेंड है। उनके मुताबिक 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 पंजीकृत स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब 24 हजार से अधिक हो गई है। इनमें 50 फीसदी स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं और आठ यूनिकॉर्न स्टार्टअप खड़े हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप नीति 2026 के तहत युवाओं के लिए 20 हजार रुपये मासिक सस्टेनेंस एलाउंस, 10 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप अनुदान और 15 लाख रुपये तक सीड कैपिटल की व्यवस्था है। 65 विभागों के 4,675 से अधिक पुराने नियमों और अनुपालनों को समाप्त किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
एआई और स्टार्टअप पर विशेषज्ञों ने किया संवाद
एआई कंसल्टेंट, टेक्निकल आर्किटेक्ट और मोबिलिटी विशेषज्ञ लता रस्तोगी व मनीष नाथ ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई तकनीकों और उभरते स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उद्यम शुरू करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 12 स्टार्टअप आइडिया शॉर्टलिस्ट किए गए। इनमें कृषि स्कैन, व्यापार सेतु, स्मार्ट केयर, जल रिसाव निवारण, लैब सेतु और मोबाइल सहयोगात्मक रोबोट प्रमुख रहे।
मोबाइल रोबोट टीम को 25 हजार का पुरस्कार
सबसे बेहतर प्रस्तुति के लिए नवनीत यादव की मोबाइल सहयोगी रोबोट टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। उपविजेता ऋषभ श्रीवास्तव, शोजाब रिजवी और उनकी लैब सेतु टीम को भी सम्मानित किया गया।‘यूपी राइज’ कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रतिभाशाली छात्रों को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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