: नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के बिजनेस फोरम में दुनिया की बदलती अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने आपसी कारोबार में स्थानीय करेंसी के इस्तेमाल को बढ़ाने की बात कही। वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अफ्रीका में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।

पुतिन ने पश्चिमी देशों पर साधा निशाना
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं और नए देश विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। पुतिन ने दावा किया कि आर्थिक ताकत के मामले में BRICS अब G7 से आगे निकल चुका है। उन्होंने पश्चिमी देशों पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनका दबदबा कमजोर हो रहा है, तो वे खुद को G7 क्यों कहते हैं।
बिजनेस फोरम में 4 ब्रिक्स नेताओं के अहम बयान
- प्रधानमंत्री मोदी, भारत: संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही निकलेगा। भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है।
- राष्ट्रपति पजशकियान, ईरान: ब्रिक्स देशों को आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए।
- राष्ट्रपति पुतिन, रूस: ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी देशों का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा।
- राष्ट्रपति रामाफोसा, दक्षिण अफ्रीका: दुनिया अफ्रीका के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल करती रहे, लेकिन अफ्रीकी देशों में निवेश न करे, ऐसा नहीं चलेगा।
BRICS में स्थानीय करेंसी पर जोर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में स्थानीय करेंसी ट्रेड भी अहम मुद्दा रहा। ईरान के राष्ट्रपति पजशकियान ने कहा कि BRICS देशों को आपसी कारोबार में अपनीअपनी करेंसी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था कुछ गिनीचुनी करेंसी पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में BRICS देशों के बीच कारोबार और निवेश को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था पर काम जरूरी है।
मोदी ने बताई BRICS की बढ़ती ताकत
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है। ये देश दुनिया की करीब 40% GDP और 25% से ज्यादा ग्लोबल ट्रेड में हिस्सा रखते हैं। मोदी ने कहा कि BRICS की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है और इसके सदस्य देश इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने व्यापार बढ़ाने के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों की जरूरत भी बताई।
आर्थिक ताकत के साथ बढ़ रही चुनौतियां
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ऐसे समय हो रहा है, जब संगठन का विस्तार हुआ है और उसकी आर्थिक भूमिका बढ़ी है। हालांकि सदस्य देशों के बीच कई मुद्दों पर अलगअलग राय भी सामने आती रही है। BRICS Business Forum में व्यापार, निवेश, डिजिटल इकोनॉमी और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। नेताओं के बयानों से साफ है कि BRICS आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ वैश्विक व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है।



