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6 लाख के कर्ज से बचने के लिए मैनेजर की हत्या का आरोप.

6 लाख के कर्ज से बचने के लिए मैनेजर की हत्या का आरोप.

गुजरात के साबरकांठा जिले में फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर भरत चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, करीब 6 लाख रुपये का कर्ज चुकाने से बचने और गिरवी रखे सोने के गहने वापस पाने के लिए प्रेमी-प्रेमिका ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची थी।

मामले में पुलिस ने भावना उर्फ भावू ठाकोर को गिरफ्तार किया है। उसका कथित प्रेमी योगेश ठाकोर अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

सड़क किनारे कार में मिला मैनेजर का शव

IIFL फाइनेंस के माणसा ब्रांच मैनेजर भरत चौधरी अचानक लापता हो गए थे। परिवार और कंपनी के कर्मचारियों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद लिमला गांव से वडवासा जाने वाली सड़क पर एक कार खड़ी मिली। पुलिस ने कार की जांच की तो अंदर भरत चौधरी का शव पड़ा था। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले।

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

कॉल डिटेल से सामने आए संदिग्धों के नाम

पुलिस ने भरत चौधरी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की। इसी दौरान भावना उर्फ भावू ठाकोर और योगेश ठाकोर के नाम सामने आए।

पुलिस ने भावना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग मिले। जांच में यह भी सामने आया कि भावना और योगेश पिछले करीब सात साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे।

कर्ज और गिरवी रखे गहनों को लेकर साजिश

पुलिस जांच के मुताबिक, भावना ने फाइनेंस कंपनी से करीब 1.50 लाख रुपये का लोन लिया था। वहीं योगेश पर करीब 4.50 लाख रुपये का कर्ज था।

दोनों पर कुल करीब 6 लाख रुपये का कर्ज बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि वे लोन की किस्तें चुकाने से बचना चाहते थे। इसके अलावा, फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखे सोने के गहने भी वापस हासिल करना चाहते थे।

पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने मैनेजर भरत चौधरी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पैसे देने के बहाने मैनेजर को बुलाया

जांच में सामने आया कि भावना ने भरत चौधरी से संपर्क किया और पैसे देने के बहाने उन्हें प्रांतिज बुलाया। इसके बाद योगेश मैनेजर को अपनी कार में लेकर माणसा की तरफ रवाना हुआ।

पुलिस का आरोप है कि वडवासा के पास योगेश ने कार के अंदर ही भरत चौधरी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद मैनेजर की मौत हो गई।

शव ठिकाने लगाने की कोशिश में फंसी कार

हत्या के बाद दोनों ने शव को किसी सुनसान जगह पर ठिकाने लगाने की कोशिश की। वे कार लेकर लिमला की तरफ गए।

पुलिस के मुताबिक, कार को पीछे करते समय वह सड़क किनारे एक गड्ढे में फंस गई। आरोपियों ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।

इसके बाद पकड़े जाने के डर से दोनों कार और शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने उसी कार से भरत चौधरी का शव बरामद किया।

भावना गिरफ्तार, योगेश की तलाश जारी

पुलिस ने भावना को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि योगेश ठाकोर फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई, इसमें और कौन लोग शामिल थे और वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से लाया गया था।

फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी सबूतों और पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में आरोपियों की भूमिका और हत्या की साजिश से जुड़ी जानकारी पुलिस जांच के आधार पर दी गई है। मामले में अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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