Sitamarhi News: बिहार के सीतामढ़ी जिला मुख्यालय डुमरा से सटे केथरिया गांव में शनिवार की सुबह गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा. जिला परिषद क्षेत्र संख्या13 की सदस्य खुशदिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो उर्फ बैद्यनाथ कुशवाहा की शनिवार सुबह ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई. हत्याकांड की खबर फैलते ही गांव में भारी आक्रोश फैल गया. पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया और आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया.

बताया जा रहा है कि बैद्यनाथ महतो शनिवार सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे. इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. गोली लगते ही बैद्यनाथ महतो की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिसप्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
पुलिस टीम पर भारी पथराव, 8 गाड़ियां क्षतिग्रस्त और इंस्पेक्टर का फटा सिर
हत्या के बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उग्र भीड़ ने पुलिस पर ईंटपत्थरों से हमला कर दिया. ग्रामीणों के पथराव में डुमरा के इंस्पेक्टर अनिल राम का सिर फट गया, जबकि दो दरोगा सहित करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए. ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा. भीड़ ने पुलिस के 8 वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. हालात बिगड़ते देख एसपी अमित रंजन और एसडीएम के नेतृत्व में करीब 12 थानों की पुलिस फोर्स को गांव में तैनात किया गया.
शराब तस्करी के विरोध पर रंजिश, आरोपी का घर फूंका
उग्र भीड़ ने हत्या के आरोपी गांव के ही त्रिभुवन कुशवाहा उर्फ एजाज के घर में आग लगा दी. ग्रामीणों का आरोप है कि त्रिभुवन गांव में अवैध शराब की सप्लाई से जुड़ा था, जिसका बैद्यनाथ महतो पुरजोर विरोध करते थे. बैद्यनाथ ने कई बार उसे यह धंधा बंद करने की चेतावनी भी दी थी. इसी रंजिश के चलते शराब कारोबारियों ने बैद्यनाथ की हत्या की साजिश रची.
28 अगस्त को भी हुई थी गोलीबारी, पुलिस पर उठ रहे सवाल
इस वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बीते 28 अगस्त की रात भी जिला पार्षद के आवास पर अपराधियों ने गोलीबारी की थी. इसके बाद 8 सितंबर को सैकड़ों ग्रामीणों ने डुमरा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी. ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस ने 28 अगस्त की घटना के बाद समय रहते कार्रवाई की होती, तो आज बैद्यनाथ महतो की जान न जाती. फिलहाल भारी पुलिस बल गांव में मुस्तैद है और स्थिति को नियंत्रित करने के साथसाथ आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है.



