
बाराबंकी, अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के विभिन्न न्यायालयों, राजस्व न्यायालयों, बैंकों और विभागों ने कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण किया। इन मामलों में कुल 27,76,66,488 रुपये अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को आयोजित लोक अदालत की अध्यक्षता प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने की। जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिमा श्रीवास्तव की मौजूदगी में लोक अदालत का शुभारंभ हुआ।
सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों ने 33,796 वादों का निस्तारण करते हुए 8,13,58,890 रुपये अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में वसूल किए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 129 मुकदमों का निस्तारण किया। पारिवारिक न्यायालयों ने 273 मामलों का निस्तारण किया। वहीं, 9 से 11 सितंबर तक चली लघु वादों की विशेष लोक अदालत में 1,264 वाद निस्तारित किए गए।
प्रीलिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक, राजस्व, बैंक और विभिन्न विभागों से जुड़े 1,40,379 मामलों का निस्तारण किया गया। राजस्व न्यायालयों में 77,057 वाद निस्तारित हुए। विभिन्न बैंकों ने 2,198 एनपीए खातों का निस्तारण करते हुए 14,16,40,462 रुपये वसूल किए। इनमें बैंक ऑफ इंडिया ने सर्वाधिक 924 मामलों का निस्तारण किया।
आपसी सहमति से विवादों का समाधान लोक अदालत की खासियत
प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के आधार पर शीघ्र, सरल एवं सुलभ न्याय का प्रभावी माध्यम है। इससे समय और धन की बचत के साथ विवादों का स्थायी समाधान होता है। जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने आमजन से लंबित एवं प्रीलिटिगेशन मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।
इस मौके पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अल्पना सक्सेना, वंदना सिंह प्रथम, जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव उज्ज्वल उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया सौरभ मौर्या समेत न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी मौजूद रहे।
समझौते के बाद 11 जोड़ों को एक साथ किया गया विदा
पारिवारिक न्यायालयों द्वारा समझौते के बाद 11 जोड़ों को एक साथ विदा किया गया। उन्हें माला पहनाकर मिठाई वितरित की गई। वादकारियों को पानीबिस्किट और बच्चों को चॉकलेट दी गई। लोक अदालत में जिला कारागार, वृद्धाश्रम और डाक विभाग के स्टॉल के साथ स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, दो हेल्प डेस्क और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रही। पराविधिक स्वयंसेवकों ने भी लोगों की सहायता की।



