चंडीगढ़ : पंजाब भर में गहराए गंभीर बिजली संकट के बीच आम जनता, किसानों और उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के दो प्रमुख निजी बिजली घरों राजपुरा थर्मल प्लांट और तलवंडी साबो पावर प्लांट की सभी बंद पड़ी यूनिटों से दोबारा उत्पादन शुरू हो गया है। पावरकॉम के अधिकारियों के अनुसार, दोनों बड़े संयंत्रों से कुल 3300 मेगावाट बिजली का उत्पादन पूरी क्षमता से बहाल हो गया है, जिसके बाद रविवार से कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए जा रहे भारी पावर कट पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।

कोयला किल्लत से ठप हुई थीं 3 यूनिट्स, शहरोंगांवों में हाहाकार
उल्लेखनीय है कि कोयले के गंभीर स्टॉक संकट के चलते राजपुरा थर्मल प्लांट की एक यूनिट और तलवंडी साबो की दो प्रमुख उत्पादन यूनिट्स अचानक बंद हो गई थीं। इस तकनीकी और ईंधन संकट की वजह से राज्य में एकाएक बिजली की भारी किल्लत पैदा हो गई थी। स्थिति से निपटने के लिए पावरकॉम को शाम के पीक आवर्स में शहरों में 3 से 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1 घंटे तक अघोषित कट लगाने पड़े थे। वहीं लुधियाना, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे बड़े औद्योगिक हब में 10 से 11 घंटे तक बिजली गुल रहने से उत्पादन ठप हो गया था और किसानों को भी ट्यूबवेल चलाने के लिए बिजली नहीं मिल पा रही थी।
थर्मल प्लांटों में कोयले के मौजूदा स्टॉक की स्थिति
बिजली घरों को लगातार चलाए रखने के लिए ईंधन की उपलब्धता पर पैनी नजर रखी जा रही है। पावरकॉम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न थर्मल प्लांटों में कोयले का मौजूदा रिजर्व स्टॉक दर्ज किया गया है। रोपड़ थर्मल प्लांट में सर्वाधिक 62 दिनों का सुरक्षित कोयला स्टॉक मौजूद है, जबकि गोइंदवाल साहिब प्लांट में 17 दिन और लेहरा मोहब्बत में 12 दिनों का कोयला बचा हुआ है। वहीं सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले तलवंडी साबो पावर प्लांट में 9 दिन और राजपुरा थर्मल प्लांट के पास करीब 5 दिनों का कोयला स्टॉक उपलब्ध है।
केंद्रीय पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिलने का दावा
पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने राज्य की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संकट को पूरी तरह दूर करने के लिए पंजाब सरकार लगातार केंद्र सरकार से समन्वय बना रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय पावर पूल से पंजाब को उसके तय कोटे से लगभग 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। बिजली मंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को इस बाबत आधिकारिक पत्र भेजकर राज्य के हक की पूरी बिजली तत्काल जारी करने की मांग उठाई है, ताकि कृषि प्रधान राज्य होने के नाते धान के इस अहम सीजन में किसानों को बिना रुकावट निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सके।



