
लखनऊ, अमृत विचार। भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन आज ज्यादातर किसान आर्थिक रूप से सबल नहीं है। ऐसे में खेतीकिसानी के लिए किसानों को अक्सर बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों के लिए रुपए की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सरकार बैंकों के जरिए किसानों की मदद के लिए एक योजना चला रही है, जिसका नाम है किसान क्रेडिट कार्ड योजना। सरकार की यह योजना किसानों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र किसान कृषि जरूरतों के लिए बैंक से ऋण ले सकते हैं। समय पर भुगतान करने पर ब्याज में राहत भी मिलती है।
सरकार के द्वारा किसानों को साहूकारों और अन्य महंगे कर्ज से राहत देने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई थी। इसके मध्यम से किसान खेती से जुड़े खर्चों के लिए बैंक से ऋण सुविधा ले सकते हैं। KCC के तहत मिलने वाली ऋण सीमा किसान की कृषि जरूरत, भूमि, फसल और बैंक के आकलन के आधार पर तय हो सकती है।
जानें क्या है KCC योजना और कितना ब्याज लगता है ?
किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC किसानों को कृषि कार्यों के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था है। इसके जरिए किसान फसल की बुवाई से लेकर खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि निवेश पर होने वाले खर्च को पूरा कर सकते हैं। पीएम किसान योजना के लाभार्थी किसान भी KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं। KCC के तहत सामान्य तौर पर रियायती ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज में अतिरिक्त राहत/प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक ब्याज दर, ऋण सीमा और ब्याज राहत बैंक तथा लागू सरकारी नियमों के अनुसार अलगअलग हो सकती है।
KCC बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय बैंक की ओर से सामान्य तौर पर कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इनमें…
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- पता प्रमाण
- जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे खसराखतौनी/जमाबंदी
- खेती या भूमि से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। दस्तावेजों की सूची बैंक और आवेदक की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
कितनी जमीन होने पर बन सकता है KCC?
KCC के लिए किसी एक समान न्यूनतम या अधिकतम भूमि सीमा को आधार मानना सही नहीं है। किसान की पात्रता और ऋण सीमा का निर्धारण बैंक द्वारा लागू नियमों तथा खेती से जुड़े आकलन के आधार पर किया जाता है। कुछ परिस्थितियों में पट्टे या किराए की जमीन पर खेती करने वाले किसान भी पात्र हो सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पात्रता बैंक और लागू सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार तय होती है। सामान्य तौर पर खेती करने वाले किसान, बटाईदार, पट्टेदार और कुछ मामलों में कृषि गतिविधियों से जुड़े अन्य पात्र व्यक्ति KCC सुविधा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान जो बाते ध्यान रखने हैं वो ये हैं कि उम्र, सहआवेदक, भूमि और अन्य शर्तें बैंक की नीति तथा वर्तमान नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं।
KCC से किसानों को क्या फायदा, कैसे करें आवेदन?
किसान क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खेती के जरूरी खर्चों के लिए किसान को समय पर संस्थागत ऋण सुविधा मिल सकती है। इससे किसान बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा कर सकता है। समय पर ऋण चुकाने पर लागू ब्याज राहत का लाभ भी मिल सकता है। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए संबंधित बैंक की वेबसाइट/डिजिटल माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद बैंक किसान की पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन करता है।
किसान की मौत होने पर KCC लोन का क्या होगा?
KCC धारक की मृत्यु होने पर ऋण अपने आप माफ नहीं हो जाता। ऋण की देनदारी और उसके निपटारे की प्रक्रिया लागू बैंकिंग नियमों तथा मृतक की संपत्ति/कानूनी उत्तराधिकार से जुड़े प्रावधानों के अनुसार होती है। यदि ऋण के साथ कोई वैध बीमा या क्रेडिटलिंक्ड बीमा कवर उपलब्ध है, तो उसकी शर्तों के अनुसार क्लेम से ऋण की देनदारी का निपटारा हो सकता है।
KCC का पैसा जमा नहीं किया तो क्या होगा?
यदि किसान समय पर KCC ऋण का भुगतान नहीं करता है तो बैंक की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। खाते की स्थिति खराब होने पर बैंक रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर सकता है और लागू नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे ऋण की भुगतान तारीख और ब्याज/राहत से जुड़े नियमों का ध्यान रखें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
KCC से जुड़ी ऋण सीमा, ब्याज दर, ब्याज राहत, पात्रता, दस्तावेज और पुनर्भुगतान की शर्तें समयसमय पर बदल सकती हैं। अलगअलग बैंक की प्रक्रिया में भी अंतर हो सकता है। इसलिए किसान KCC के लिए आवेदन करने से पहले अपने संबंधित बैंक की शाखा या आधिकारिक बैंकिंग माध्यम से मौजूदा नियम और शर्तों की पुष्टि जरूर करें।



