Ghaziabad Fake Supplements: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नकली सप्लीमेंट का कथित कारोबार सामने आया है। शालीमार गार्डन पुलिस और ट्रांस हिंडन जोन की SWAT टीम ने कार्रवाई कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी लेबल और पैकिंग के जरिए बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट, इंजेक्शन और दूसरी दवाएं तैयार कर दिल्लीNCR में बेचते थे। कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपये का नकली सामान बरामद किया गया है।

ऐसे तैयार किए जाते थे नकली प्रोडक्ट
पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली से कच्चा माल, खाली शीशियां, प्रिंटेड लेबल और कार्टन मंगाते थे। इसके बाद विजयनगर इलाके के गोदाम और दुकानों में इनकी पैकिंग की जाती थी। अलगअलग कंपनियों और देशों के नामपते वाले लेबल लगाकर उत्पादों को असली जैसा दिखाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस का आरोप है कि प्रतिष्ठित ब्रांड की पैकिंग लगाकर इन्हें ज्यादा कीमत में बेचा जाता था। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी जांच में सामने आए हैं।
कई दवाएं और इंजेक्शन बरामद
पुलिस ने बताया कि बरामद सामान में Dianabol, Anadrol, Testolone RAD, Pragma Injection और पेप्टाइड किट शामिल हैं। इसके अलावा Trenbolone, Winstrol, Sustanon, Deca, Test E250 और Masteron जैसे बॉडीबिल्डिंग ड्रग भी मिले हैं। पुलिस को बड़ी संख्या में खाली शीशी, होलोग्राम, कार्टन और बिना लेबल वाली गोलियों के डिब्बे भी मिले। बरामद सामग्री की गुणवत्ता और असली संरचना की जांच कराई जा रही है।
5 आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने दिलीप पांडेय, वीरभान उर्फ रवि, रोहित वक्शी उर्फ लड्डू, हन्नी कुलश्रेष्ठ और आर्यन को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक इन लोगों की भूमिका पैकिंग, गोदाम और कारोबार संभालने से जुड़ी थी। पूछताछ में दिल्ली के मोहित और आदिल से कच्चा माल और पैकिंग सामग्री लेने की बात सामने आई है। पुलिस अब ललित शर्मा समेत बाकी संदिग्धों की तलाश कर रही है और फेक सप्लीमेंट नेटवर्क की दूसरी कड़ियां भी जोड़ रही है।
सेहत को लेकर पुलिस की चेतावनी
पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के फेक सप्लीमेंट मामले में बरामद कुछ उत्पाद प्रतिबंधित या नियंत्रित श्रेणी में हो सकते हैं। इनके सेवन से होने वाले नुकसान की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना गुणवत्ता जांच और चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयड, हार्मोन या दूसरे बॉडीबिल्डिंग कंपाउंड लेना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि ये उत्पाद कहां तैयार होते थे और दिल्लीNCR में किन जिम, दुकानों या ग्राहकों तक इनकी सप्लाई की गई।



