Disha Salian Case: दिशा सालियान की मौत के मामले में सियासत जारी है। ऐसे में सीबीआई की तरफ से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। CBI की FIR में किसी भी व्यक्ति का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं है।

‘सभी आरोप गलत’
दिशा सालियान की मौत मामले में CBI के FIR दर्ज करने के बाद आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि न मैं उससे कभी मिला था और न ही मैं उसे जानता हूं।
आदित्य ठाकरे का ट्वीट
अफवांचा धुरळा उडवणं बंद करण्यासाठी पुन्हा एकदा फक्त आणि फक्त तथ्य सांगतो!
मी दिशा सालियन ह्यांना कधीही भेटलेलो नाही किंवा त्यांच्याशी माझी ओळखही नव्हती.
राजकीय हेतूने, वैयक्तिक द्वेषापायी, चारित्र्यहनन करण्याच्या हेतूने काही लोकांकडून गेल्या ६ वर्षांपासून वारंवार ह्या दुर्दैवी…— Aaditya Thackeray September 16, 2026
आदित्य ठाकरे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस मामले से उनका कोई दूरदूर तक वास्ता नहीं है और कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि मैंने कभी दिशा सालियान को न तो देखा है और न ही कभी उनसे मिला हूं।
झूठा प्रचार गलत, टीवी पर झूठी चर्चा
आदित्य ठाकरे ने लिखा कि अफवाहों को रोकने के लिए, मैं सिर्फ और सिर्फ सच बता रहा हूं कि मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला, और न ही मैं उन्हें जानता था। कुछ लोग पिछले 6 सालों से, कुछ लोग राजनीतिक मक़सद, निजी दुश्मनी से जानबूझकर मेरा नाम इस घटना से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इसका कोई सबूत नहीं है। बिना किसी तथ्य या सच्चाई वाला यह लगातार झूठा प्रचार गलत है। टीवी चैनलों पर झूठी चर्चा दिखाई जा रही हैं।
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FIR में किसी का नाम नहीं
आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा कि सरकारी तंत्र को इसकी जांच नए सिरे से करने दें, बिना किसी दखल, बिना राजनीतिक हस्तक्षेप, बिना चरित्र और निष्पक्ष रूप से। मैं फिर से कहता हूं कि अगर आपको लगता है कि इस तरह के चरित्र हनन और झूठे प्रचार से आप हमें चुप करा सकते हैं, तो यह आपकी गलतफहमी है। सच्चाई के लिए और अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
बिल्डिंग से गिरने से गई थी दिशा की जान
आपको बता दें कि 9 जून 2020 की रात करीब 2.25 बजे, मलाड में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरकर दिशा सालियान की मौत हो गई थी। उस समय मालवणी पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी और अपनी जांच में इसे आत्महत्या बताया था, जिसमें किसी भी तरह की फॉउल प्ले से इनकार किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में राज्य सरकार की बनाई गई SIT ने भी अपनी जांच में किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की थी।



