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सड़क नहीं तो बारात नहीं! नैनीताल के इस गांव में 50 से ज्यादा युवक-युवतियां अब भी कुंवारे, रिश्ते तय होने से पहले ही टूट जाते हैं.

सड़क नहीं तो बारात नहीं! नैनीताल के इस गांव में 50 से ज्यादा युवक-युवतियां अब भी कुंवारे, रिश्ते तय होने से पहले ही टूट जाते हैं.

उत्तराखंड में एक ऐसा मामला सामने आया था, जहां सड़क की समस्या सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की शादी-ब्याह की जिंदगी पर भी असर डाल रही थी। जिले के गैरीखेत गांव में 50 से ज्यादा युवक-युवतियों की शादी लंबे समय से नहीं हो पाने की बात सामने आई थी।

गांव तक बारात पहुंचना बना बड़ी चुनौती

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक पक्की और सुगम सड़क नहीं होने के कारण बारात लेकर पहुंचना बेहद मुश्किल है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। ऐसे में कई परिवार गांव में अपनी बेटी की शादी करने से भी हिचकिचाते हैं।

बताया गया था कि लड़के-लड़कियों को देखने और रिश्ते की बातचीत के लिए लोग गांव तक आते हैं, लेकिन सड़क की स्थिति देखकर शादी के लिए आगे बढ़ने से पीछे हट जाते हैं। कुछ मामलों में रिश्ता तय होने से पहले ही टूट जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही थी।

कुछ प्रेम विवाह भी टूटने का दावा

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की समस्या का असर केवल पारंपरिक रूप से तय होने वाले रिश्तों पर ही नहीं पड़ा, बल्कि कुछ प्रेम संबंधों पर भी इसका असर पड़ा। उनका दावा था कि शादी के समय बारात और रिश्तेदारों के गांव तक पहुंचने की परेशानी को देखते हुए कुछ रिश्ते आगे नहीं बढ़ सके।

ग्रामीणों के लिए यह स्थिति सामाजिक चिंता का विषय बन गई थी। उनका कहना था कि शादी किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे गांव का आयोजन होती है और जब बारात गांव तक पहुंचाना ही मुश्किल हो, तो परिवारों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

मरीजों को भी डोली के सहारे ले जाना पड़ता है

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