
उत्तर प्रदेश से शादी के नाम पर कथित ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आरोप था कि एक महिला शादी के लिए ऐसे परिवारों को निशाना बनाती थी, जो रिश्ते की तलाश में थे। वह अपने प्रेमी को भाई बताकर साथ लाती थी और कथित तौर पर कुछ लोगों को पैसे देकर माता-पिता के रूप में पेश करती थी। शादी होने के बाद मौका मिलते ही जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी।
इस मामले का खुलासा हरियाणा के रेवाड़ी में सामने आई एक शिकायत के बाद हुआ था। पुलिस ने जांच के दौरान महिला और एक कथित बिचौलिए को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक फैला हुआ बताया गया था।
शादी के नाम पर हुई थी लाखों रुपये की ठगी
मामले की शिकायत करने वाले युवक ने पुलिस को बताया था कि उसकी मुलाकात एक बिचौलिए के माध्यम से हुई थी। बिचौलिए ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की रहने वाली एक युवती से शादी का रिश्ता बताया था। रिश्ता तय होने के बाद शादी के लिए करीब दो लाख रुपये दिए गए और मंदिर में विवाह की रस्म पूरी की गई।
शादी के बाद युवक अपनी नई पत्नी को लेकर रेवाड़ी आ गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आया, लेकिन अगले ही दिन महिला घर से जेवर और नकदी लेकर गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो युवक ने पुलिस से शिकायत की।
बॉयफ्रेंड को बताती थी भाई
जांच में पुलिस के सामने महिला के कथित तौर पर ठगी करने का तरीका सामने आया। आरोप था कि शादी के दौरान वह अपने प्रेमी को अपना भाई बताती थी। इसके अलावा परिवार का भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को कथित तौर पर पैसे देकर माता-पिता के रूप में पेश किया जाता था।
शादी की रस्में पूरी होने के बाद महिला दूल्हे के साथ चली जाती थी। इसके बाद मौका मिलते ही वह जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी।
पहले भी कर चुकी थी ऐसी शादी
जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि महिला पहले भी इसी तरह की शादी कर चुकी थी। वह कथित तौर पर हर बार खुद को अविवाहित बताती थी। पुलिस के अनुसार, महिला के पहले से बच्चे होने की जानकारी भी जांच में सामने आई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने महिला और कथित बिचौलिए को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल थे और अब तक कितने लोगों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया था।
शादी के नाम पर होने वाली इस तरह की ठगी ने लोगों को भी सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया था। ऐसे मामलों में रिश्ते की पूरी जानकारी और संबंधित लोगों की पहचान की स्वतंत्र रूप से जांच करना बेहद जरूरी माना जाता है।



