
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए दवा के साथ-साथ सही खानपान भी अहम भूमिका निभाता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सुबह खाली पेट भीगे बादाम खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है? कई लोग मानते हैं कि भीगे बादाम खाने से शरीर को ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं और डायबिटीज पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ता है।
इसी विषय पर हमने कंसल्टेंट डाइटिशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा से बात की। उनका कहना है कि प्री-डायबिटीज या टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में रोजाना भीगे या कच्चे बादाम खाने से, चाहे उन्हें खाली पेट ही क्यों न खाया जाए, फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c में कोई खास कमी नहीं देखी गई है। हालांकि, यदि बादाम को कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के साथ या उससे पहले खाया जाए तो भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने (पोस्टप्रांडियल ग्लूकोज स्पाइक) को कम करने में मदद मिल सकती है।
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कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि नाश्ते में बादाम खाने से सेकंड मील इफेक्ट देखने को मिल सकता है। यानी अगला भोजन करने के बाद ब्लड शुगर का स्तर अपेक्षाकृत कम रह सकता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। हालांकि, लंबे समय से डायबिटीज से जूझ रहे लोगों में यह असर भी सीमित ही दिखता है।
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बादाम में मौजूद पोषक तत्व कैसे करते हैं मदद?
बादाम को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। इनमें हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ई और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। मैग्नीशियम इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है, फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को धीमा करता है, जबकि हेल्दी फैट लंबे समय तक पेट भरा रखने और दिल की सेहत को दुरुस्त करने में असरदार होता है। यही कारण है कि सीमित मात्रा में बादाम को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
बादाम मैग्नीशियम, फाइबर और हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत हैं। ये सभी पोषक तत्व इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। कनिका मल्होत्रा के अनुसार बादाम में मौजूद मैग्नीशियम शरीर की कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज के उपयोग में मदद करता है। इसकी कमी डायबिटीज को और गंभीर बना सकती है। वहीं फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण की गति को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। बादाम में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट लंबे समय तक पेट भरा रखने के साथ-साथ इंसुलिन सेंसिटिविटी और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करता हैं।
डायबिटीज मरीज़ों के लिए रोज़ाना भीगे हुए बादाम खाना सुरक्षित है?
बादाम में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक रोजाना लगभग 30–40 ग्राम यानी 5 से 10 भीगे बादाम का सेवन पर्याप्त हैं। एक्सपर्ट ने बताया जरूरत से ज्यादा बादाम का सेवन करने से कुल कैलोरी सेवन बढ़ सकता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है। बादाम का सेवन संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर ही करें तो बेहतर है। एक्सपर्ट ने बताया शुगर कंट्रोल करने वाली दवाओं के साथ बादाम का सेवन करने पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। जिन लोगों को नट्स से एलर्जी है, उन्हें बादाम खाने से बचना चाहिए।
एक्सपर्ट ने बताया हर किसी के लिए रोजाना बादाम का सेवन करना सुरक्षित है इससे डाइट की क्वालिटी में सुधार होता है। लेकिन ये मानना कि सिर्फ बादाम खाने से डायबिटीज कंट्रोल होती है, ये पूरी तरह गलत है। डायबिटीज को अगर आप कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप रोजाना बैलेंस डाइट का सेवन करें, रेगुलर एक्सरसाइज करें, पर्याप्त 7-8 घंटों की नींद लें और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। किसी भी नई डाइट या स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।



