NSE IPO 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी का बहुप्रतीक्षित IPO आज यानी 17 सितंबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है।

NSE IPO में कुल 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 8 शेयर हैं, इसलिए ऊपरी प्राइस बैंड पर खुदरा निवेशक को कम से कम ₹14,280 लगाने होंगे।
IPO 21 सितंबर तक खुला रहेगा। शेयर आवंटन 22 सितंबर को संभावित है, जबकि पर लिस्टिंग की अस्थायी तारीख 24 सितंबर रखी गई है।
करीब ₹22,561.57 करोड़ के इस पब्लिक इश्यू को भारतीय पूंजी बाजार के बड़े में गिना जा रहा है। यह इश्यू पूरी तरह Offer for Sale है, यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है और IPO से मिलने वाली राशि मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी।
इश्यू में 50% हिस्सा Qualified Institutional Buyers यानी QIBs, 15% NonInstitutional Investors और 35% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी मजबूत भागीदारी हासिल की है और उन्हें ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर करीब ₹6,746 करोड़ के शेयर आवंटित किए गए हैं।
GMP ₹218 से घटकर ₹125 रह गया
IPO खुलने से पहले Grey Market Premium यानी GMP में तेज गिरावट देखने को मिली है। 11 सितंबर को NSE IPO का GMP ₹218 था, जो 17 सितंबर की सुबह घटकर ₹125 रह गया। यानी करीब एक सप्ताह में इसमें लगभग 43% की गिरावट आई है।
ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,785 के आधार पर ₹125 GMP से अनुमानित लिस्टिंग कीमत लगभग ₹1,910 बनती है, जो करीब 7% प्रीमियम दिखाती है। हालांकि, GMP अनौपचारिक संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
NSE की बाजार में बड़ी ऊंची हिस्सेदारी
NSE की बाजार स्थिति मजबूत बनी हुई है। 30 जून 2026 तक एक्सचेंज से 26 करोड़ से अधिक निवेशक खाते जुड़े होने की जानकारी दी गई है। कैश मार्केट, इक्विटी फ्यूचर्स, ऑप्शंस और करेंसी फ्यूचर्स में इसकी बाजार हिस्सेदारी काफी ऊंची बताई गई है।
इसके बावजूद FY26 में वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव दिखा। परिचालन आय FY25 के ₹17,140.68 करोड़ से घटकर ₹16,601.31 करोड़ रही, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा ₹12,187.69 करोड़ से घटकर ₹10,302.06 करोड़ रहा। EBITDA Margin भी 73.78% से कम होकर 66.85% पर आ गया।
FY27 की पहली तिमाही में स्थिति कुछ बेहतर रही। परिचालन आय 13.10% बढ़कर ₹4,560.41 करोड़ और PAT 6.71% बढ़कर ₹3,120.08 करोड़ रहा।



