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​‘बच्चों के लिए जिंदा रहना होगा…’ गंगा में कूदी महिला 14 घंटे में 40 KM तक बहती रही, क्या-क्या मन में आए विचार?

‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोई… उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में ये कहावत चरितार्थ होती दिखाई दी. पति से नाराज होकर गंगा में छलांग लगाने वाली 38 साल की महिला करीब 14 घंटे बाद 40 किलोमीटर दूर जिंदा मिली. महिला को मछली पकड़ रहे मछुआरों ने गंगा से सुरक्षित बाहर निकाला.

​‘बच्चों के लिए जिंदा रहना होगा…’ गंगा में कूदी महिला 14 घंटे में 40 KM तक बहती रही, क्या-क्या मन में आए विचार?

मामला कटरा कोतवाली क्षेत्र के छोटी बसही मोहल्ले का है. यहां रहने वाली सुनीता साहनी की शादी करीब 18 साल पहले सूर्यबली से हुई थी. सूर्यबली गुजरात के जामनगर में नौकरी करता है. सुनीता पिछले कई दिनों से बुखार और खांसी से परेशान थी. उसने दवा खरीदने के लिए पति से पैसे भेजने को कहा था.

सुनीता के मुताबिक, पति ने मंगलवार सुबह पैसे भेजने की बात कही थी, लेकिन पैसे नहीं भेजे. इससे वह नाराज हो गई. महिला दोपहर करीब चार बजे घर से निकल गई और शाम करीब पांच बजे मिर्जापुर के शास्त्री पुल पर पहुंचकर गंगा नदी में छलांग लगा दी.

रातभर गंगा में बहती रही महिला

महिला के गंगा में कूदने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. उधर, महिला तेज बहाव के साथ रातभर गंगा में बहती रही. करीब 14 घंटे बाद बुधवार सुबह वह चुनार किले के पास पहुंची.

सुनीता ने बताया कि वह बेसुध थी. सुबह जब उसे रोशनी दिखाई दी तो उसे एहसास हुआ कि वह अभी जिंदा है. इसके बाद उसे अपने चार बच्चों राहुल, विक्की, सागर और रुक्मणी की याद आई. वह सोचती रही. बच्चों के लिए उसे हर हाल में जिंदा रहना होगा. वह ऐसे मर नहीं सकती. फिर जोरजोर से बचाओबचाओ की आवाज लगानी शुरू कर दी.

मछुआरों ने नाव से किया रेस्क्यू

महिला की आवाज सुनकर वहां मछली पकड़ रहे मछुआरों का ध्यान उसकी ओर गया. मछुआरे नाव लेकर उसके पास पहुंचे और उसे गंगा से बाहर निकाला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस महिला को अस्पताल लेकर गई, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. हालत ठीक होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया.

पति की बात से आहत होकर उठाया कदम

सुनीता ने पुलिस को बताया कि उसने पति से दवा के लिए पैसे मांगे थे. उसके अनुसार, पति ने पैसे भेजने से इनकार करते हुए उससे कहा कि मेरा तुमसे कोई मतलब नहीं, जाकर मर जाओ. महिला का कहना है कि पति की इसी बात से आहत होकर उसने गंगा में छलांग लगा दी.

चुनार कोतवाली प्रभारी विजयशंकर सिंह ने बताया कि महिला मंगलवार शाम शास्त्री पुल से गंगा में कूदी थी. वह बहते हुए चुनार किले के पास पहुंची, जहां मछुआरों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला. उपचार के बाद महिला स्वस्थ थी और उसे परिजनों को सौंप दिया गया.

रिपोर्ट जय प्रकाश

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