
बाराबंकी, अमृत विचार। गाजीपुर जिले के दंपती ने सतरिख क्षेत्र स्थित एक जमीन के तीन बैनामे कर 60 लाख से अधिक रुपये ठग लिए। बाराबंकी के एक खरीददार के बैनामे से इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। कोर्ट के आदेश पर दंपति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र में पटेल नगर, दशहराबाग निवासी गीता सिंह ने तहरीर में बताया कि उन्होंने सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम सराय अकबराबाद स्थित भूमि खरीदने का सौदा गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के महमूदपुर निवासी शम्भू राजभर, उसकी पत्नी रेखा देवी से 20.50 लाख रुपये में किया और बयाने के तौर पर रेखा देवी के खाते में दो बार में 20 लाख रुपये भेजे और 7 नवंबर 2022 को इकरारनामा कराया। जून 2024 में शेष 50 हजार रुपये और रजिस्ट्री की तैयारी के साथ वह आरोपियों से मिलीं।
आरोप है कि रेखा देवी ने 50 हजार रुपये नकद लेने के बाद अगले दिन रजिस्ट्री कार्यालय बुलाया, लेकिन वहां नहीं पहुंचीं और मोबाइल बंद कर लिया। बाद में जांच कराने पर पता चला कि आरोपियों ने इकरारनामे के बावजूद 2023 में भूमि का पहला बैनामा कपिल देवराम और दूसरा बैनामा धीरज सिंह के पक्ष में कर दिया। 31 जुलाई को सतरिख स्थित प्लाट पर रजिस्ट्री के संबंध में बात करने पहुंचने पर आरोपियों ने धमकी दी।
नवाबगंज : अवैध कब्जे पर लेखपाल लगा रहे फर्जी रिपोर्ट
नवाबगंज तहसील क्षेत्र के बरौली मलिक गांव निवासी रामदेव वर्मा ने गांव स्थित तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की दोबारा स्थलीय जांच किसी उच्चाधिकारी से कराने और कब्जा हटवाने की मांग की है।
रामदेव के अनुसार गांव में गाटा संख्या 1738 व 1739 तालाब के रूप में दर्ज हैं। आरोप है कि प्रमोद कुमार पुत्र रामबिलास पिछले करीब 10 वर्षों से इन गाटाओं पर कब्जा कर खेती करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में छह जुलाई को तहसील दिवस और 27 जुलाई को मिलकर शिकायती पत्र दिया गया था।
इसके बाद 16 सितम्बर को डीएम से मामले की पुनः शिकायत की गईं। आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल प्रताप कुमार और कानूनगो ओमकार मांझी की हर बार लगाई गईं गलत रिपोर्ट के चलते अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी, न ही कब्जा हट सका। रामदेव ने जिलाधिकारी को मौके के फोटोग्राफ भी सौंपे और दावा किया है कि इनमें तालाब की जमीन पर खेती होती दिखाई दे रही है।



