
सूरतगंज/बाराबंकी, अमृत विचार। सरयूघाघरा नदी की बाढ़ और कटान का असर कम होने के बावजूद नदी किनारे खतरा बना हुआ है। हेतमापुर में कई दिनों से कटान की जद में आने के बाद हवा में लटक रहा मस्जिद का एक पिलर और जीने का हिस्सा गुरुवार को नदी में समा गया। इससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
हेतमापुर में नदी किनारे पिछले कई दिनों से तेजी से कटान हो रहा था। इसकी चपेट में आने से मस्जिद का एक पिलर और जीने का हिस्सा काफी समय से हवा में लटक रहा था। ग्रामीण लगातार इसके गिरने की आशंका जता रहे थे। गुरुवार को नदी की धार के दबाव से मस्जिद का जीना और कोने का हिस्सा भरभराकर नदी में समा गया। ग्रामीणों के मुताबिक जलस्तर कम होने के बाद भी कटान से कमजोर हुए तट पर मिट्टी खिसकने का सिलसिला जारी है। इससे नदी किनारे अन्य निर्माणों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
बचाव कार्य में जुटी विभागीय टीमें
कटान प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा कार्य कराए जा रहे। बाढ़ एवं सिंचाई विभाग की टीमें नदी के दबाव वाले स्थानों को चिह्नित कर बचाव कार्य में जुटी हैं। मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। हेतमापुर में कटान से पहले ही कई परिवार प्रभावित हो चुके हैं और कई मकान नदी में समा चुके हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने घर और सुरक्षित ठिकाने का संकट बना हुआ है।



