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​Tata Sons की लिस्टिंग से ग्रुप की इन कंपनियों को होगा फायदा, एक्सपर्ट से समझिए क्या है माजरा!

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स के शेयर बाजार में लिस्ट होने का रास्ता साफ होने के बाद ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल रहा है. इसमें टाटा केमिकल्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स जैसे शेयर शामिल हैं.

​Tata Sons की लिस्टिंग से ग्रुप की इन कंपनियों को होगा फायदा, एक्सपर्ट से समझिए क्या है माजरा!

शेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल के पीछे दो बड़े कारण हैं. पहला, टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल 5 साल के लिए बढ़ाया जाना और दूसरा, टाटा सन्स के बोर्ड का RBI के निर्देशों के अनुसार शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए सहमत होना.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि चेयरमैन का कार्यकाल बढ़ना इमोशनली मायने रखता है, लेकिन टाटा सन्स की लिस्टिंग का असर कंपनी एसेट और वैल्यूएशन पर पड़ सकता है. खासकर उन कंपनियों पर इसका असर हो सकता है, जिनके पास Tata Sons में हिस्सेदारी है.

किन Tata Group कंपनियों को हो सकता है फायदा?

मार्केट एक्सपर्ट्स अनुज गुप्ता का कहना है कि टाटा सन्स की लिस्टिंग से ग्रुप सभी कंपनियों को एक जैसा फायदा नहीं होगा. उनके अनुसार, कुछ चुनिंदा कंपनियों को इससे फायदा मिल सकता है. इसमें टाटा केमिकल्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा स्टील, इंडियन होटल्स, कंपनी, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन शामिल हैं. उन्होंने टाटा पावर को भी टाटा सन्स में हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी के रूप में बताया है.

टाटा स्टील और टाटा मोटर्स PV के पास टाटा सन्स में लगभग 3.06% हिस्सेदारी है. टाटा केमिकल्स की हिस्सेदारी करीब 2.53% है, जबकि टाटा पावर के पास लगभग 1.65% हिस्सेदारी है. इंडियन होटल्स कंपनी की हिस्सेदारी करीब 1.11% बताई गई है. बाकी दो कंपनियों की हिस्सेदारी 0.50% से कम है.

₹10 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर कितना हो सकता है फायदा?

एक्सपर्ट का मानना है कि टाटा सन्स की लिस्टिंग से टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा केमिकल्स को सीधे तौर पर फायदा मिल सकता है. इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों के पास टाटा सन्स में लंबे समय से हिस्सेदारी है, जिसका बाजार में पारदर्शी मूल्य तय नहीं होता. उन्होंने उदाहरण के तौर पर टाटा सन्स की संभावित वैल्यूएशन ₹10 लाख करोड़ मानी है.

इस वैल्यूएशन के आधार पर टाटा स्टील और टाटा मोटर्स PV दोनों कंपनियों की लगभग 3.06% हिस्सेदारी की कीमत करीब ₹30,600 करोड़ हो सकती है. टाटा केमिकल्स की 2.53% हिस्सेदारी की कीमत लगभग ₹25,300 करोड़ हो सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार, टाटा स्टील की हिस्सेदारी उसकी मार्केट वैल्यू के लगभग 13% के बराबर हो सकती है. वहीं, टाटा मोटर्स PV के मामले में यह आंकड़ा करीब 30% हो सकता है.

टाटा केमिकल्स के लिए यह हिस्सेदारी और भी महत्वपूर्ण हो सकती है. अनुमानित ₹25,300 करोड़ की हिस्सेदारी कंपनी के लगभग ₹15,600 करोड़ के मार्केट कैप से ज्यादा है. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि ये आंकड़े ₹10 लाख करोड़ की अनुमानित वैल्यूएशन पर आधारित हैं. रियल वैल्यूएशन और शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद मिलने वाला लाभ अलग हो सकता है.

निवेशकों को रखना होगा इस बात ध्यान

टाटा सन्स की संभावित लिस्टिंग से टाटा ग्रुप की कुछ कंपनियों की हिस्सेदारी का वैल्यूएशन बदल सकता है. लेकिन केवल हिस्सेदारी के आधार पर किसी शेयर के भविष्य के रिटर्न का अनुमान लगाना सही नहीं होगा. टाटा केमिकल्स, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स PV और टाटा पावर के शेयरों में निवेश करने से पहले कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन, कर्ज, कारोबार की स्थिति और जोखिमों को समझना जरूरी है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ एक्सपर्ट्स के बताए संभावित प्रभाव पर आधारित है. इसे शेयर खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए. यह सिर्फ जानकारी के लिए है.TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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