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​कढ़ाई-कुकर धोने की झंझट खत्म! GST घटने के बाद ₹4,500 से ₹7,500 तक सस्ते हुए डिशवॉशर, छोटे शहरों में बढ़ी भारी मांग

पिछले साल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी में कटौती के बाद कीमतें कम होने से डिशवॉशर को आखिरकार भारतीय रसोई में अपनी सही जगह मिल रही है. जिससे डिशवॉशर कंज्यूमर ड्यूरेबल मार्केट में सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख प्रोडक्ट बन गया है. मैन्युफैक्चरर्स और रिटेलर्स का कहना है कि टैक्स में बदलाव के बाद से इस प्रोडक्ट की सेल में 3 गुना से भी तेजी देखने को मिली है. खास बात यह है कि टियरII शहर ग्रोथ के नए इंजन के तौर पर उभरे हैं और कुल सेल में इनकी हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है. खास बात तो ये है कि पहले डिशवॉशर की डिमांड बड़े शहरों से आती थी. 2026 के शुरुआती छह महीनों में डिशवॉशर की सेल में सालदरसाल 49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

​कढ़ाई-कुकर धोने की झंझट खत्म! GST घटने के बाद ₹4,500 से ₹7,500 तक सस्ते हुए डिशवॉशर, छोटे शहरों में बढ़ी भारी मांग

टैक्स घटने के बाद कितनी हुई कीमत

मैन्युफैक्चरर्स द्वारा शेयर किए गए सेल्स ट्रैकर NielsenIQ के डेटा से पता चलता है कि इस दौरान ज्यादा क्षमता वाले मॉडल की सेल में में 137 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से डिशवॉशर पर GST को 10 प्रतिशत अंक घटाकर 18 फीसदी कर दिया था. मैन्युफैक्चरर्स ने कीमतें 4,500 रुपए से 7,500 रुपए तक कम कीं, जिससे अब इनकी शुरुआती कीमत लगभग 25,000 रुपए हो गई है. यह कीमत अब लगभग फ्रिज या वॉशिंग मशीन के बराबर है. इंडस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार द्वारा टैक्स कटौती के विज्ञापनों ने भी डिशवॉशर कैटेगरी को लोगों के बीच चर्चा का विषय बनाया और इसकी मांग बढ़ाई.

लोगों की गलतफहमियों को किया दूर

बॉश और सीमेंस ब्रांड के डिशवॉशर बेचने वाली कंपनी BSH होम अप्लायंसेज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सैफ खान ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल GST दर में कटौती का अच्छा असर हुआ, लेकिन हमने इस कैटेगरी को लेकर लोगों की गलतफहमियों को दूर करके इसे आगे बढ़ाने की दिशा में भी एक कदम उठाया है. असल में, हमारे 30दिन के रिटर्न पीरियड के दौरान अप्लायंस की वापसी दर 0.1 फीसदी से भी कम रही. खान ने रिपोर्ट में कहा कि इन कोशिशों का अच्छा नतीजा मिल रहा है, क्योंकि BSH ने इस अगस्त में ही 2025 कैलेंडर वर्ष की कुल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया. डिशवॉशर की बिक्री में यह बदलाव कोविड के समय आई थोड़ी तेजी के बाद आया है, जिसके बाद 2022 और 2023 में बिक्री में गिरावट देखी गई थी.

प्रोडक्ट के फीचर्स में किए बदलाव

मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि GST कम होने के बाद ग्राहकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है, जिससे उन्हें इस कैटेगरी को तेजी से बढ़ाने का मौका मिला है. वे भारतीय बर्तनों और खाना पकाने के तरीकों के हिसाब से मशीनों में बदलाव करने से लेकर 30 दिन का ट्रायल देने तक कई कदम उठा रहे हैं. ‘कढ़ाई वॉश’ जैसे फीचर्स और मसाले के दाग, बिरयानी के बर्तन और प्रेशर कुकर साफ करने की क्षमता जैसी खूबियों के साथ, कंपनियों ने उन मशीनों में काफी बदलाव किए हैं जो असल में सिर्फ वेस्टर्नस्टाइल के बर्तनों के लिए बनाई गई थीं.

LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के कोचीफ सेल्स और मार्केटिंग ऑफिसर संजय चितकारा ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि GST कम होने से डिशवॉशर ज्यादा किफायती हो गए हैं और साथ ही इस प्रोडक्ट के बारे में ग्राहकों की सोच भी बदली है—अब इसे सिर्फ लाइफस्टाइल से जुड़ी चीज नहीं, बल्कि घर के एक काम के कंपोनेंट्स के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज LG मुख्य रूप से प्रीमियम और मिडसेगमेंट के डिशवॉशर बेचती है, लेकिन हम डिशवॉशर को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं.

छोटी कैटेगरी

तेजी से बढ़ोतरी के बावजूद, डिशवॉशर अभी भी एक छोटी कैटेगरी है; भारत में लगभग 0.5 फीसदी घरों में ही इनका इस्तेमाल होता है. इसका मार्केट अब माइक्रोवेव ओवन मार्केट के आधे के बराबर है. इसके उलट, अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में डिशवॉशर का इस्तेमाल 7075 फीसदी घरों में होता है.

क्रोमा स्टोर चलाने वाली कंपनी इन्फिनिटी रिटेल के चीफ एग्जीक्यूटिव शिबाशीष रॉय ने कहा कि कुछ साल पहले तक डिशवॉशर एक अनोखा प्रोडक्ट माना जाता था. उन्होंने कहा कि डिशवॉशर की सेल के वॉल्यूम में सालदरसाल 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी शहरीकरण, कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या, ज्यादा इनकम और GST से मिली मदद का नतीजा है.

अभी इस्तेमाल कम होने और मांग ज्यादा होने की वजह से हायर जैसी कंपनियां भी इस सेगमेंट में आ रही हैं. IFB इंडस्ट्रीज की वित्त वर्ष 2026 की बैलेंस शीट में भी डिशवॉशर के स्टॉकइनट्रेड में 28 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी है. क्रोमा अब डिशवॉशर जैसे उपकरणों को बढ़ावा दे रही है ताकि मोबाइल फोन की कम बिक्री की भरपाई की जा सके, क्योंकि इस साल मोबाइल फोन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं.

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