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​भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार! डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़कर ₹12.10 लाख करोड़ पहुंचा

बीते कुछ समय से देश की इकोनॉमी को लेकर अच्छी खबरें आई है. पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े उम्मीद से काफी अच्छे देखने को मिले. वहीं उसी दौरान जीएसटी कलेक्शन भी काफी अच्छा रहा है. मूडीज ने अपने हाल ही के अनुमान में कहा है कि देश की रफ्तार 7 फीसदी रह सकती है. वो भी ऐसे समय में जब पूरी दुनिया में मंदी का साया मंडरा रहा है. अब सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के आंकड़े जारी किए हैं. जिससे पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है और उसकी रफ्तार भी काफी अच्छी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13 फीसदी बढ़कर 12.10 लाख करोड़ रुपए के लेवल पर पहुंच गया है. CBDT द्वारा जारी फ्रेश आंकड़ों के अनुसार, टैक्स रेवेन्यू में हुई इस शानदार वृद्धि का प्रमुख कारण एडवांस टैक्स है. जिसमें जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सरकार की ओर से किस तरह​ के आंकड़े जारी किए हैं…

​भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार! डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़कर ₹12.10 लाख करोड़ पहुंचा

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 13 फीसदी का इजाफा

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 17 सितंबर तक भारत का नेट डायरेक्टटैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर लगभग 13 फीसदी बढ़कर 12.10 लाख करोड़ रुपए हो गया. इसमें एडवांसटैक्स पेमेंट का बड़ा योगदान रहा, जो 16.18 फीसदी बढ़कर 5.22 लाख करोड़ रुपए हो गया. जानकारों का कहना है कि ये आंकड़े बताते हैं कि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद, चालू वित्त वर्ष में इनकम और कॉर्पोरेट मुनाफे में बढ़ोतरी मजबूत बनी हुई है. साथ ही, केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 8 फीसदी बढ़ोतरी के अपने बजट टारगेट को आसानी से हासिल कर सकती है. ग्रांट थॉर्नटन भारत में टैक्स पार्टनर, ऋचा साहनी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन से मजबूत आर्थिक गतिविधियों और टैक्स बेस की मजबूती का संकेत मिलता है. उन्होंने आगे कहा कि एडवांसटैक्स पेमेंट में लगातार बढ़ोतरी टैक्सपेयर्स के भरोसे, बिज़नेस के प्रदर्शन और इनकम में लगातार बढ़ोतरी की उम्मीदों का एक सकारात्मक संकेत है.

एडवांस टैक्स में जबरदस्त बढ़ोतरी

एडवांस टैक्स पेमेंट, जो टैक्सपेयर्स द्वारा साल भर की अपनी इनकम के अनुमान पर आधारित होते हैं, टैक्स बेस और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति का शुरुआती संकेत हैं. कॉर्पोरेट एडवांस टैक्स 18.09 फीसदी बढ़कर 4.16 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 3.52 लाख करोड़ रुपए था. वहीं, नॉनकॉर्पोरेट एडवांस टैक्स 9.24 फीसदी बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पहले 96,904 करोड़ रुपए था. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस यानी CBDT के अनुसार, रिफंड एडजस्ट करने से पहले कुल डायरेक्टटैक्स कलेक्शन 15.19 फीसदी बढ़कर 14.32 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि रिफंड 29.19 फीसदी बढ़कर 2.20 लाख करोड़ रुपए हो गया. रिफंड में बढ़ोतरी खास तौर पर नॉनकॉर्पोरेट सेगमेंट में ज्यादा रही, जहां यह 39,866 करोड़ रुपए से दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 81,439 करोड़ रुपए हो गया.

एसटीटी में इजाफा

प्राइस वॉटरहाउस एंड कंपनी LLP के पार्टनर हितेश साहनी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि इतने ज्यादा रिफंड के बावजूद, नेट टैक्स कलेक्शन स्थिर गति से बढ़ा है और कुल नेट टैक्स कलेक्शन 1.39 लाख करोड़ रुपए ज्यादा रहा है. कलेक्शन में मजबूती और स्थिरता दिख रही है, जिसकी वजह ज्यादा ग्रॉस टैक्स इनफ्लो, बेहतर कंप्लायंस और लगातार जारी इकोनॉमिक और मार्केट एक्टिविटी है. 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन 53 फीसदी बढ़कर 40,214 करोड़ रुपए हो गया, जिसकी वजह भारी F&O ट्रेडिंग और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी रही. डेलॉइट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि ऐसा लगता है कि यह मुख्य रूप से टर्नओवर में बढ़ोतरी के बजाय बजट 2026 में दरों में बढ़ोतरी की वजह से हुआ है. उन्होंने 1 अप्रैल, 2026 से इक्विटी फ्यूचर्स पर STT दरों में 150 फीसदी की बढ़ोतरी का जिक्र किया.

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