
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने बिजली विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और बोनस भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। संघ ने इस मामले में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर संबंधित संविदाकार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय के मुताबिक, अमौसी और मध्य वितरण क्षेत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों को उपलब्ध कराने वाली मेसर्स टीएंडएम कंपनी, जबकि गोमती नगर और जानकीपुरम क्षेत्र में कार्यरत मेसर्स क्विज कंपनी पर कर्मचारियों के बोनस भुगतान में लापरवाही का आरोप है। संघ का दावा है कि इन कंपनियों की ओर से पिछले दो वर्षों से कर्मचारियों को बोनस का भुगतान नहीं किया गया है।
55 वर्ष की उम्र का हवाला देकर 336 कर्मचारियों को हटाने का आरोप
संघ ने टीएंडएम कंपनी पर अमौसी और मध्य जोन से करीब 336 कर्मचारियों को 55 वर्ष की उम्र का हवाला देकर नौकरी से हटाने का भी आरोप लगाया है। संघ के अनुसार, इन कर्मचारियों को हटाए जाने के दौरान उनके बकाया वेतन का भी पूरा भुगतान नहीं किया गया। संघ का कहना है कि संबंधित कंपनी का अनुबंध 1 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है, ऐसे में कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर स्थिति और गंभीर हो गई है।
सिक्योरिटी मनी वापस न करने की मांग
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने मध्यांचल प्रबंधन से मांग की है कि जब तक संबंधित दोनों संविदाकार कंपनियां कर्मचारियों के बकाया वेतन और बोनस का पूर्ण भुगतान नहीं कर देतीं, तब तक उनकी जमा सिक्योरिटी मनी वापस न की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के बकाये का भुगतान नहीं किया गया तो संगठन की ओर से आंदोलन किया जाएगा। संघ ने प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कर कर्मचारियों के बकाया वेतन और बोनस का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।



