नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सरकारी कंपनी एनबीसीसी द्वारा सुपरटेक लिमिटेड के अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने में देरी को लेकर चिंता जताई है. एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने रियल एस्टेट कंपनी के लिए अंतरिम समाधान पेशेवर की नियुक्ति में हो रही देरी पर भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई. सुपरटेक फिलहाल कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में है. एनसीएलएटी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया को आईआरपी की नियुक्ति के लिए नाम सुझाने की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है.

ट्रिब्यूनल ने दिया ये आदेश
ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को पारित अपने पांच पेज के अंतरिम आदेश में कहा कि आईआरपी की नियुक्ति के लिए आवेदन पर एनसीएलटी द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है और आईबीबीआई को नाम सुझाने हैं. आदेश में कहा गया कि यह प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए. नियुक्त होने वाला समाधान पेशेवर अटकी हुई सुपरटेक परियोजनाओं की निगरानी कर रही सुप्रीम कोर्ट की समिति का प्रमुख होने के साथसाथ परियोजनावार न्यायालय की समिति की अध्यक्षता भी करेगा. ट्रिब्यूनल ने एनबीसीसी द्वारा पूर्व में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किए जाने का भी संज्ञान लिया. एनसीएलएटी ने छह मई, 2026 के अपने आदेश में सुपरटेक की परियोजनाओं में निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने के लिए विभिन्न शर्तों और समयसीमाओं का निर्धारण किया था.
जुलाई तक पूरी होनी थी ये शर्तें
ट्रिब्यूनल के अनुसार, कुछ शर्तें 31 जुलाई, 2026 तक पूरी की जानी थीं. इनमें परियोजनाओं की उचित जांच, संबंधित वैधानिक निकायों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करना, निर्माण कार्य का ठेका देना, परियोजनाओं का कब्जा एनबीसीसी को सौंपना और आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराना शामिल था. एनबीसीसी को निर्माण कार्य के ठेके की प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक महीने के भीतर अनुबंध पूरा करना था और एक अक्टूबर, 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया जाना था. हालांकि, 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट में एनबीसीसी को इन शर्तों को पूरा करने में आ रही कठिनाइयों का उल्लेख किया गया. रिपोर्ट में लंबित शर्तों के लिए नई संभावित समयसीमा नहीं बताई गई थी.
ये भी दिया निर्देश
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की समिति की ओर से पेश वकील ने बताया कि 20 सितंबर को एनबीसीसी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक बैठक प्रस्तावित है, जिसमें लंबित शर्तों को पूरा करने और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए निश्चित समयसीमा तय किए जाने की उम्मीद है. ट्रिब्यूनल ने यह भी संज्ञान लिया कि एनबीसीसी द्वारा सुपरटेक के निलंबित पूर्व प्रबंधन से मांगे गए कुछ दस्तावेज अभी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. एनसीएलएटी ने इन दस्तावेजों की सूची पेश करने और उसे निलंबित प्रबंधन के वकील के साथ साझा करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर, 2026 को होगी.
16 प्रोजेक्ट्स पूरा करने के दिए थे निर्देश
12 दिसंबर, 2024 को एनसीएलएटी ने सुप्रीम कोर्ट की समिति का गठन किया था और एनबीसीसी को सुपरटेक की 16 अटकी आवासीय परियोजनाओं को अपने हाथ में लेकर पूरा करने का निर्देश दिया था. परियोजनाओं की निगरानी के लिए परियोजनावार समितियों के गठन और अलगअलग खातों के रखरखाव का भी निर्देश दिया गया था. सुपरटेक के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया 20 मार्च, 2021 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने उसके प्रमुख ऋणदाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर शुरू की थी.



