बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े से गोरखपुर में मुलाकात पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी निषादराज को गले लगाया था. उन्होंने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताते हुए कहा कि वह सहयोगी दल हैं. गोरखपुर में बैठक करने आए थे तो उन्होंने ही उन्हें चाय पीने का आमंत्रण दिया था. संजय निषाद ने कहा कि इस मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई.

उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई है. हालांकि खुद ही कहा कि बीजेपी से उन सभी सीटों की मांग की है, जिन्हें बीजेपी 40 से हार रही है. सीट शेयरिंग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम मांगने वाले लोग नहीं है. हम तो जीत दिलाने वाले हैं. कहा कि यदि बीजेपी ये सीटें सहयोगी दलों को देती है तो सहयोगी दल इन सीटों को जीत कर बीजेपी की झोली में डाल देंगे. खासतौर पर उन्होंने कश्यप और निषाद बाहुल्य सीटों की मांग रखी है.
हार को जीत में बदलने का दावा
डॉ. निषाद ने कहा कि इन सीटों पर बीजेपी लगातार हार रही है. वह सीटें बीजेपी हमें दे, हम उसे जीत में बदलकर वापस लौटाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि इन सीटों को देने में बीजेपी को भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. यदि ये सीटें हम जीतकर लौटाते हैं तो एनडीए की सीटों की संख्या बढ़ जाएगी. उन्हें पूरा भरोसा है कि बीजेपी ये सीटें सहयोगी दलों को देगी और आगामी विधानसभा चुनाव में ये सीटें एनडीए की झोली में जाएंगी.
अंग्रेजों ने निषाद को घोषित किया क्रिमिनल कास्ट
डॉ. संजय निषाद ने कास्ट सिस्टम पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह अंग्रेजों की देन है. अंग्रेजों ने निषाद समाज को क्रिमिनल कास्ट घोषित किया था. एक समय था जब निषादों को अंग्रेज ढूंढते फिरते थे. अब निषाद समाज जागरुक है और देश व प्रदेश में सरकार बनाने बिगाड़ने की कूबत रखता है. पहले राजनीतिक पार्टियां पउवा पिलाकर झउहा भर वोट अपने खाते में कर लेती थीं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब निषाद समाज ने पार्टी बना लिया है.
हाथी और साइकिल के बाद निषादों की बारी
उन्होंने कहा कि जिसका दल उसका बल, उसकी समस्या का हल. जिसके दल का बल नहीं है उसकी समस्या का हल भी नहीं है. हाथी और साइकिल ने अपनी समस्या का हल कर लिया. अब अब निषाद पार्टी भी निषादों की समस्या का हल करेगी. इस मौके पर उन्होंने संत कबीर नगर से सपा सांसद पप्पू निषाद की गणेश विसर्जन के दौरान पिटाई की निंदा की. इस संबंध में उन्होंने खुद वहां के डीएम से बात की है.
नौकरियों में प्रतिनिधित्व की मांग
डॉ. निषाद ने कहा कि किसी भी थाने में जाइए, वहां एक व्यक्ति निषाद जाति का नहीं मिलेगा. अभी तक निषाद समाज को सरकारी नौकरियों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. जबकि अन्य जातियों को सरकारी नौकरियों में अच्छा प्रतिनिधित्व है. उन्होंने विपक्ष के नेताओं से भी मांग करते हुए कहा कि वह भी आवाज़ उठाएं. निषाद जाति को ओबीसी से हटाकर एससी में शामिल किया जाए. इसी क्रम में उन्होंने 10 दिनों की संवैधानिक सुरक्षा रैली का आयोजन किया है. इसकी शुरूआत प्रयागराज से हुई.



