TrendingUttar Pradesh

​Good News: कानपुर में बनेगा संत कबीर टेक्सटाइल पार्क, 1000 एकड़ में मशीनरी पार्क की भी तैयारी

​Good News: कानपुर में बनेगा संत कबीर टेक्सटाइल पार्क, 1000 एकड़ में मशीनरी पार्क की भी तैयारी

कानपुर। उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। कानपुर में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने की योजना अब अगले चरण में पहुंच गई है। हस्तशिल्प, खादी एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने घाटमपुर में इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली है। अब अगले माह प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कानपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद पार्कों में आधारभूत ढांचा विकसित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

पांच जिलों में विकसित होंगे टेक्सटाइल और अपैरल पार्क

प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कपड़ा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके पीछे कपड़ा उद्योग से जुड़े उद्यमियों और दूसरे राज्यों के निवेशकों की ओर से उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा जताना प्रमुख वजह है।

योजना के तहत कानपुर नगर एवं देहात, मऊ, सीतापुर और रायबरेली में टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पांचों जिलों के जिलाधिकारियों से संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर पार्कों की सीमाएं निर्धारित की जाएंगी।

निवेशकों की जरूरत के हिसाब से तैयार होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

हस्तशिल्प एवं वस्त्रोद्योग विभाग को टेक्सटाइल पार्कों में कपड़ा उद्यमियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाएं विकसित करनी होंगी। पार्क तैयार होने के बाद निवेशकों को यहां भूमि आवंटित की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार अहमदाबाद, सूरत और मुंबई के कुछ उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा जता रहे हैं। इन उद्यमियों के उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड तक सप्लाई किए जाते हैं।

घाटमपुर में 1000 एकड़ में बनेगा टेक्सटाइल मशीनरी पार्क

कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए एक और बड़ी योजना तैयार की गई है। वस्त्रोद्योग विभाग ने यहां 1,000 एकड़ भूमि पर टेक्सटाइल मशीनरी पार्क विकसित करने की योजना बनाई है।

फिलहाल देश की बड़ी टेक्सटाइल इकाइयों को सर्कुलर और फ्लैट निटिंग मशीनों के साथसाथ टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी आधुनिक मशीनरी के लिए चीन, ताइवान, जर्मनी, वियतनाम और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।

देश में ही बनेंगी हाईटेक टेक्सटाइल मशीनें

टेक्सटाइल मशीनरी पार्क विकसित होने के बाद अत्याधुनिक मशीनों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। योजना के तहत पार्क के भीतर बड़ी और मध्यम स्तर की विभिन्न उत्पादन इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

इससे टेक्सटाइल मशीनरी के क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ उद्योगों को मशीनों की उपलब्धता आसान होने की उम्मीद है। साथ ही पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply