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​बिहार के बाद यूपी में EBC कार्ड…चुनाव से पहले अतिपिछड़ों को लुभाने का कांग्रेस का क्या प्लान?

कांग्रेस यूपी विधानसभा चुनाव में भी बिहार की तर्ज पर अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लाने की तैयारी में है. ओबीसी विभाग ने इसका ड्राफ्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भेजा है. कांग्रेस के ओबीसी विभाग के चेयरमैन अनिल जयहिंद ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को प्रस्ताव भेजा है. इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में अतिपिछड़ा वर्ग के साथ हो रहे अत्याचार और शोषण को रोकने के लिए एक विशेष कानून जरूरी है.

​बिहार के बाद यूपी में EBC कार्ड…चुनाव से पहले अतिपिछड़ों को लुभाने का कांग्रेस का क्या प्लान?

यह प्रस्तावित कानून SC/ST एक्ट की तर्ज पर हो सकता है, लेकिन इसमें यादव, जाट जैसी जातियों को शामिल नहीं किया जाएगा. सिर्फ यानी ईबीसी ही इसके दायरे में आएंगी.

यूपी चुनाव में अतिपिछड़ों को लुभाने की कवायद

अनिल जयहिंद का कहना है कि बिहार चुनाव में भी नेतृत्व की अनुमति से यही वादा किया गया था. यूपी में भी इसे शामिल करने में कोई दिक्कत नहीं है. अब राहुल गांधी और खरगे के जवाब का इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस यूपी चुनाव के घोषणापत्र में अतिपिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के लिए कई बड़े वादे कर सकती है. इनमें शामिल हैं:

  1. अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लाने का वादा.
  2. आबादी के अनुपात में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की मांग.
  3. 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में ओबीसी और अतिपिछड़ा वर्ग के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण.
  4. भूमिहीन अति पिछड़ा परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराना.
  5. आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा से पास कर संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र को भेजना.

पार्टी के लिए यह भी सोचने की बात होगी कि क्या यह एक्ट अजय राय की सवर्ण जोड़ी रणनीति पर असर डालेगा? सवर्ण समाज और ओबीसी की ऊपरी जातियां इस घोषणा को कैसे लेंगी, यह भी देखना होगा.

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