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​Barabanki Child Labour:फाटक बंद होते ही जिंदगी दांव पर! वाहनों के बीच भुट्टा-पॉपकॉर्न बेचते नाबालिग

​Barabanki Child Labour:फाटक बंद होते ही जिंदगी दांव पर! वाहनों के बीच भुट्टा-पॉपकॉर्न बेचते नाबालिग

मनगर/बाराबंकी, अमृत विचार: जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबकॉपी और स्कूल बैग होना चाहिए, उसी उम्र में कुछ नाबालिग जान जोखिम में डालकर रेलवे क्रॉसिंग पर सामान बेचने को मजबूर हैं। केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसी जाम के बीच छोटे बच्चे वाहनों के बीच दौड़कर भुट्टा और पॉपकॉर्न बेचते नजर आते हैं।

जाम के बीच तेज रफ्तार या अचानक बढ़ते वाहनों के बीच बच्चों का इस तरह आनाजाना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

फाटक बंद होते ही शुरू हो जाता है बच्चों का जोखिम भरा काम

केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन गुजरने से पहले फाटक बंद होते ही दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती है। इसी दौरान नाबालिग बच्चे वाहनों के बीच पहुंचकर भुट्टा और पॉपकॉर्न बेचते हैं।

कई बार सामान बेचने के लिए बच्चों को एक वाहन से दूसरे वाहन तक जाना पड़ता है। ऐसे में जाम के बीच किसी वाहन की अचानक आवाजाही उनके लिए खतरा पैदा कर सकती है।

लोधेश्वर महादेवा धाम जाने वाले मार्ग पर रहती है आवाजाही

केसरीपुर क्रॉसिंग से लोधेश्वर महादेवा धाम जाने वाला मार्ग होने के कारण यहां श्रद्धालुओं और अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे व्यस्त मार्ग पर रेलवे फाटक के बंद होने के दौरान जाम के बीच बच्चों का सामान बेचना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।

बाल श्रम रोकने के अभियान पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाल श्रम रोकने के लिए समयसमय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन क्रॉसिंग पर नाबालिगों के खुलेआम सामान बेचने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की नजर इस ओर नहीं पहुंच रही है।

लोगों के मुताबिक, आर्थिक तंगी के चलते कुछ परिवार बच्चों से काम कराने को मजबूर हैं। हालांकि, जोखिम भरे स्थान पर काम करने से बच्चों की सुरक्षा के साथसाथ उनकी पढ़ाई और भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।

बच्चों को काम से हटाकर शिक्षा से जोड़ने की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों को जोखिम वाले काम से हटाने के साथ उनके परिजनों को भी जागरूक किया जाना चाहिए।

इसके अलावा बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी पहल किए जाने की मांग की गई है।

तस्वीरें बता रही हैं जमीनी हकीकत

फाटक बंद होने के बाद जाम में फंसे वाहनों के बीच सामान बेचते बच्चों की तस्वीरें बाल श्रम रोकने के प्रयासों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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