
बाराबंकी, अमृत विचार: दारापुर स्थित नवीन उपनिबंधक कार्यालय से कुछ दूरी पर रविवार की भोर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद दस्तावेज नवीसों और अधिवक्ताओं के सामने अब जगह को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। करीब 62 निर्माणाधीन चैंबरों को ढहाए जाने से तीन दशक से अधिक समय से दस्तावेजों की लिखापढ़ी का काम कर रहे दस्तावेज नवीस खासे व्यथित हैं। उनका कहना है कि वे अधिकृत रूप से काम करते आए हैं, इसलिए नए कार्यालय के आसपास उनके बैठने की व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए थी।
62 निर्माणाधीन चैंबरों पर चला बुलडोजर
तहसील प्रशासन के अनुसार, रविवार तड़के दारापुर पहुंची जेसीबी ने एक के बाद एक करीब 62 निर्माणाधीन चैंबर ध्वस्त कर दिए। प्रशासन ने कार्रवाई के पीछे तीन वजहें बताईं। पहली, अधिवक्ता संघ ने निर्माण करा रहे कुछ वकीलों को बाहरी बताया था। दूसरी, जिस स्थान पर निर्माण हो रहा था, वह खेल मैदान के लिए आरक्षित बताया गया। तीसरी वजह इस कब्जे को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका रही।
जमीन उपलब्ध कराने को लेकर आमनेसामने दावे
बुलडोजर कार्रवाई के बाद अधिवक्ता आशीष उपाध्याय ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल भानु प्रताप ने 14,700 वर्ग फीट जमीन की पैमाइश कराकर उपलब्ध कराई थी, जिसके बाद चैंबरों का निर्माण शुरू हुआ।
हालांकि, लेखपाल भानु प्रताप ने इस दावे से इनकार किया। उनका कहना है कि सभी निर्माण अवैध तरीके से किए जा रहे थे और उन्होंने जमीन की कोई पैमाइश नहीं कराई थी।
तीन दशक से काम कर रहे दस्तावेज नवीस बोले हम बाहरी नहीं
पुराने रजिस्ट्री कार्यालय में तीन दशक से अधिक समय से जमीन की लिखापढ़ी का काम कर रहे अधिवक्ता विनीत कुमार ने नए कार्यालय में दस्तावेज नवीसों के बैठने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना है कि जो लोग लंबे समय से दस्तावेज नवीस के तौर पर काम कर रहे हैं, उनके लिए नए कार्यालय के निर्माण के दौरान ही बैठने की जगह की व्यवस्था होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि ये लोग बाहरी नहीं हैं।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब सवाल यह है कि नए उपनिबंधक कार्यालय के बाहर दस्तावेज नवीस और अन्य अधिकृत लोग कहां बैठेंगे? जमीन की व्यवस्था किस तरह होगी और यह कैसे तय किया जाएगा कि कौन अधिकृत है और कौन बाहरी? फिलहाल इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। तहसील प्रशासन भी इस संबंध में कोई स्पष्ट रुख तय नहीं कर सका है।
रजिस्ट्री कार्यालय के सामने भी हटाया गया अतिक्रमण
इधर, नवनिर्मित उपनिबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री का काम शुरू होने से पहले ही उसके सामने किए गए अतिक्रमण पर सोमवार को प्रशासन ने कार्रवाई की। उपनिबंधक कार्यालय की शिकायत के बाद एसडीएम बृजेन्द्र उपाध्याय के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी से अतिक्रमण हटवाया।
बताया गया कि कार्यालय के सामने स्टाम्प विक्रेताओं और उनके कर्मचारियों ने जगह पर कब्जा कर रखा था। नवनिर्मित भवन में अभी कुछ काम बाकी हैं। इसी दौरान कार्यालय के बाहर की जगह पर स्टाम्प विक्रेताओं और उनके कर्मचारियों के कब्जे की शिकायत प्रशासन से की गई थी।
शिकायत मिलने पर एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कार्रवाई के बाद उपनिबंधक कार्यालय के सामने का परिसर अतिक्रमणमुक्त करा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि कार्यालय में कुछ कार्य अभी शेष हैं, जिन्हें कराया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद अतिक्रमण हटवाया गया है।
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