
सीतापुर, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में खुद को ‘खास’ दिखाने और गांव में अपना खौफ कायम करने का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम और उनके मठ के रसूख का सहारा लेकर गांव वालों पर धौंस जमाने और ‘गुंडा टैक्स’ वसूलने वाले ‘फर्जी राजा’ की आखिरकार पोल खुल ही गई।
एडिटेड फोटो से जमाते थे ‘योगी राज’ वाली धौंस
मामला महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के रूदाइन गांव का है। पीड़ित धनपाल के मुताबिक, गांव का ही रहने वाला नागेंद्र उर्फ राजा और उसकी पत्नी आरती कोई आम जालसाज नहीं हैं। दोनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपनी तस्वीरों को बड़ी चालाकी से एडिट किया और उन्हें व्हाट्सएप व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला दिया। मकसद सिर्फ एक था—गांव वालों पर यह साबित करना कि उनकी पहुंच ‘लखनऊ के सबसे बड़े दरबार’ तक है!
मठ का नाम, गुंडा टैक्स का फरमान
योगी जी और मठ के नाम का रौब दिखाकर यह परिवार गांव के सीधेसाधे लोगों से अवैध वसूली और ‘गुंडा टैक्स’ की मांग करने लगा। जो इनकार करता, उसे दबंगई और अंजाम भुगतने की धमकियां दी जातीं।
रंगदारी देने से मना किया, तो घर के सामने घेरकर पीटा
जालसाजों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका। दोपहर के वक्त जब धनपाल ने रंगदारी देने से साफ मना कर दिया, तो नागेंद्र, उसकी पत्नी आरती, जालिपा और रवि ने मिलकर उसे घर के बाहर घेर लिया। इसके बाद लाठीडंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने खोली पोल, FIR दर्ज
पिटाई से घायल पीड़ित धनपाल हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुंचा और आरोपों से भरी तहरीर के साथ वे डिजिटल सबूत भी पुलिस को सौंप दिए।
क्या बोले कोतवाल?
महमूदाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नागेंद्र उर्फ राजा और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच में मुख्यमंत्री के साथ फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”



