
कानपुर: किसान हित में लागू योजनाओं, वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से कानपुर नगर के किसानों ने खरीफ फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बेहतर कृषि तकनीक, उन्नत बीज और सरकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के बीच जिले में धान, मक्का, अरहर समेत अन्य फसलों का उत्पादन बेहतर दर्ज किया गया है।
धान से लेकर अरहर तक उत्पादन में बढ़त
पिछले खरीफ सीजन के आंकड़ों में जिला प्रशासन और कृषि विभाग की निगरानी का असर दिखाई देता है। धान, मक्का, उर्द और अरहर जैसी फसलों की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कानपुर नगर में प्रदेश के आदर्श मानक से अधिक रही।
- धान: 44,693 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती से 1,45,833 मीट्रिक टन उत्पादन।
- बाजरा: 15,841 हेक्टेयर क्षेत्र से 42,486 मीट्रिक टन उपज।
- मक्का: 21,168 हेक्टेयर में बुवाई से 38,314 मीट्रिक टन उत्पादन।
- अरहर: 5,744 हेक्टेयर क्षेत्र से 7,966 मीट्रिक टन पैदावार।
प्रदेश के मानक से आगे कानपुर की उत्पादकता
उत्पादकता के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई प्रमुख खरीफ फसलों में कानपुर नगर प्रदेश के मानक से आगे रहा।
| फसल | प्रदेश का मानक | कानपुर नगर |
|---|---|---|
| धान | 29.53 | 32.63 |
| मक्का | 22.12 | 26.82 |
| उर्द | 6.37 | 8.02 |
| अरहर | 12.38 | 13.87 |
| तिल | 4.37 | 6.62 |
फसल विविधीकरण के साथ तकनीक पर जोर
सहायक जिला कृषि अधिकारी शिवम कटियार के अनुसार, प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन और तिलहन की फसलों के लिए भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि खेतों में संतुलित उर्वरक प्रबंधन, आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता और समय रहते रोग एवं कीट नियंत्रण जैसे उपायों से उत्पादन लागत कम करने में मदद मिली है। इससे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
नए खरीफ सीजन में और बड़े लक्ष्य
कृषि विभाग ने मौजूदा खरीफ सत्र के लिए भी उत्पादकता के नए लक्ष्य तय किए हैं। इस बार धान के लिए 35.92 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और मक्का के लिए 34.79 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्थानीय किसानों रामसुमेर मौर्य और जगतपाल सिंह यादव का भी कहना है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और अनुकूल मौसम से इस साल उत्पादन के पिछले रिकॉर्ड पीछे छूटने की उम्मीद है।



