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​Election Commission SIR Controversy: वोटर रिविजन पर चुनाव आयोग में फूट पर अखिलेश यादव बोले- यह हमारे लोकतंत्र के लिए घातक

Election Commission SIR Controversy: स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ गया है। 

​Election Commission SIR Controversy: वोटर रिविजन पर चुनाव आयोग में फूट पर अखिलेश यादव बोले- यह हमारे लोकतंत्र के लिए घातक

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए आरोप लगाया कि निष्पक्ष माने जाने वाले संस्थान भी अब निष्पक्ष नहीं बचे हैं। 

उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अपना पुराना आरोप भी दोहराया कि समाजवादी पार्टी के वोटर्स के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि SIR समेत आयोग के फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR समेत सभी बड़े फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति के आधार पर लिए गए हैं।

वहीं, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 महीनों में दोनों अधिकारियों ने करीब 14 बार अलगअलग मामलों पर सवाल उठाए।

इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने, जानकारी साझा करने की प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े IT सिस्टम जैसे विषय शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ फैसलों को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपनी असहमति दर्ज कराई थी।

इस मामले पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया देगी। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग के सभी फैसले निर्धारित प्रक्रिया और सभी सदस्यों की सहमति के आधार पर लिए जाते हैं।

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