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​बैंककर्मियों का देशव्यापी हड़ताल, 5-डे वर्किंग लागू न होने पर यूनियंस का फैसला, 5 दिन प्रभावित रहेंगी ये सेवाएं

​बैंककर्मियों का देशव्यापी हड़ताल, 5-डे वर्किंग लागू न होने पर यूनियंस का फैसला,  5 दिन प्रभावित रहेंगी ये सेवाएं

लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने तथा शेष मुद्दों का शीघ्र निस्तारण के लिये मंगलवार को लखनऊ में बैंककर्मियों ने काला बैज पहन कर काम किया। फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर धरना दिया जबकि शाम पांच बजे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों ने विशाल प्रदर्शन भी किया। यह जानकारी यू एफ बी यू के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने देते हुए बताया कि बैंक कर्मी, केंद्र सरकार की लगातार उपेक्षा से बाध्य होकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो गए हैं। 

तीन दिन की हड़ताल के फैसले पर कायम बैंक यूनियन

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की ओर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि मंगलवार को उपमुख्य श्रम आयुक्त के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही। यह सुलह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक कर्मचारियों से हड़ताल न करने और बातचीत के जरिये अपनी बाकी मुद्दों को सुलझाने की अपील करने के एक दिन बाद हुई।

यूएफबीयू, जो बैंकिंग कर्मचारियों के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, मुख्य रूप से अन्य मांगों के साथसाथ 5दिन की बैंकिंग सेवा की मांग कर रहा है। अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर पांच दिन तक असर पड़ सकता है क्योंकि 28 सितंबर से पहले सप्ताहांत पर छुट्टी है। यह बैंकिंग क्षेत्र की छमाही ‘क्लोजिंग’ का समय भी होगा। 

राज्य स्तरीय धरने में फ़ोरम के सभी सातो घटकों के वरिष्ठ बैंक नेताओं कामरेड वाई के अरोड़ा, दिनेश कुमार सिंह, अजय पांडेय, एस के संगतानी, लक्ष्मण सिंह, वी के माथुर, संदीप सिंह, अशोक अग्रवाल, सचिन केशरवानी ने अगुवाई की। इनके अलावा काम. एस डी मिश्र, वी के सेंगर, शकील अहमद, नदीम सिद्दीकी, आर एन शुक्ला, विंध्य विक्रम, राकेश पाण्डेय, अनूप कुमार, भारती शर्मा, स्वाति सिंह, तारकेश्वर चौहान, धीरज सिंह, आशुतोष वर्मा, पुष्पेंद्र वर्मा, अनुषा दुबे, सुप्रिया गुप्ता के साथ काम. करुणेश शुक्ला, आकाश शर्मा, वी के श्रीवास्तव, धीरज सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, गुरप्रीत सिंह, ओ एन टंडन, शिव कुमार सिंह, आशीष वर्मा, एम जेड हसन आदि बैंक नेताओं ने धरने में भाग लिया। 

मांगे न पूरी होने तक दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी 

धरने के बाद हुए सैकड़ो की संख्या में एकत्र बैंक कर्मियों के बीच प्रदर्शन में बैंक नेताओं ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। केंद्र सरकार की मनमानी बैंककर्मी अब नहीं सहेंगे।  25 सितंबर को स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर प्रदर्शन एवं रैली तथा 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आवाह्न किया गया है। 

क्या है पूरा मामला 

यूएफबीयू के तहत बैंक यूनियनें अपनी मांग को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर गई थीं। यूएफबीयू की अन्य मांगों में पेंशन को अद्यतन और बेहतर बनाना, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प शामिल है। कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को बैंकिंग ज़रूरतों के लिए मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, बीसी पॉइंट और यूपीआई जैसे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल करने के बारे में मोबाइल एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है।

क्लोजिंग के वक्त हो रही ये हड़ताल

प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल का समय बैंकों की छमाही क्लोजिंग के साथ भी पड़ रहा है, जो हिसाबकिताब मिलाने, प्रावधान और ट्रेजरी व बाजार परिचालन के लिए बहुत अहम तारीख है। इस तरह की रुकावट और उससे ठीक पहले पड़ने वाले सप्ताहांत की वजह से, वित्तीय कैलेंडर के एक बहुत अहम समय पर बैंकिंग सेवाएं असल में पांच दिन के लिए बंद रहेंगी जिससे ग्राहकों, व्यवसाय, सरकारी लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग परिचालन को काफी परेशानी होगी। 

सरकार ने की बातचीत के जरिये हल निकालने की अपील

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आती है जिससे जनता को परेशानी होती है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह बैंक कर्मचारियों की भलाई और उनके सही मुद्दों को बातचीत के ज़रिये सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

डीएफएस और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार बैंक कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई पहल कर रही है और सप्ताह में पांच दिन कार्य का मुद्दा भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले उन्हें कई अन्य हितधारकों की राय पर भी विचार करना होता है। इसलिए, उन्होंने यूएफबीयू से हड़ताल टालने और बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया। 

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