
पानीपत की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग किशोरी के साथ बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने आरोपी सौरभ को दोषी
पानीपत: पानीपत की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग किशोरी के साथ बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने आरोपी सौरभ को दोषी करार देते हुए 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दुकान सामान लेने गई थी किशोरी
यह दर्दनाक मामला दिसंबर 2024 का है। थाना तहसील कैंप पानीपत में दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी को पास की दुकान से सामान लेने भेजा था। जब काफी देर तक बच्ची वापस घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
छानबीन के दौरान परिजनों को पता चला कि पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय युवक सौरभ किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया है। परिजनों ने शक होने पर जब कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो आरोपी ने अंदर से झूठ बोलकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, जब परिजन जबरन अंदर दाखिल हुए तो उन्होंने देखा कि मासूम बच्ची कमरे में रो रही थी। पीड़िता ने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थाना तहसील कैंप पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरभ (मूल निवासी उत्तर प्रदेश, हाल निवासी पानीपत) को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले की मजबूती से पैरवी की और फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सौरभ को सख्त सजा सुनाई।

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