संयुक्त राष्ट्र। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर ‘ब्रोकन चेयर’ के पास यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मूकश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र के दौरान हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में कथित राजनीतिक दमन, नागरिक अधिकारों पर पाबंदियों और विरोधप्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन का एक प्रमुख विषय 5 जून 2026 को प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित गोलीबारी रहा। UKPNP ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
UN से हस्तक्षेप की मांग
UKPNP के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoJK की स्थिति पर निगरानी बढ़ाने तथा वहां के लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। संगठन ने क्षेत्र में संचार प्रतिबंधों, हिरासत और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
UKPNP अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी ने आरोप लगाया कि बुनियादी अधिकारों और स्थानीय संसाधनों पर नियंत्रण की मांग करने वाले लोगों को दमन का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तान से Joint Awami Action Committee की मांगों को स्वीकार करने की अपील की।
वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ता तसलीमा अख्तर ने UNHRC के सामने PoJK में नागरिकों की मौतों की स्वतंत्र जांच, नागरिक क्षेत्र की बहाली और संचार व्यवस्था बहाल करने की मांग रखी।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए मौत, हिरासत और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों के आंकड़े उनके दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आरोपों को आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
मुख्य मांगें:
- कथित नागरिक मौतों की स्वतंत्र जांच
- जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही
- मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा
- संचार व्यवस्था बहाल करना
- मानवीय सहायता और निगरानी की अनुमति
- JAAC की मांगों पर कार्रवाई



