
Date: 24-09-26 10:33
यूक्रेन युद्ध के बीच पाकिस्तान में बने 155mm तोप के गोलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरे देशों के जरिए यूक्रेन पहुंचे इन गोलों को लेकर कुछ यूक्रेनी कमांडरों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है. उनका दावा है कि इन गोलों के इस्तेमाल से कुछ तोपों को नुकसान पहुंचा है. कमांडरों के मुताबिक, यूरोप से मिलने वाले गोले बेहतर काम कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान में बने कुछ गोलों के कारण तोपों में तकनीकी दिक्कतें आई हैं.
पाकिस्तानी गोलों से तोपों को नुकसान का दावा
यूक्रेनी कमांडरों के मुताबिक, सैनिकों को पाकिस्तान में बने 155mm गोलों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है. उनके अनुसार, कुछ मामलों में तोपों का मोजल ब्रेक खराब हुआ और कुछ तोपों की नली को भी नुकसान पहुंचा.
कमांडरों ने गोलों के वजन में अंतर का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, 155mm के एक गोले का वजन करीब 46 किलोग्राम होता है. यूरोपीय देशों से मिलने वाले गोलों के वजन में ज्यादा अंतर नहीं होता, जबकि पाकिस्तान में बने कुछ गोलों का वजन 45.4 से 46.9 किलोग्राम के बीच बताया गया है. यूक्रेनी पक्ष का दावा है कि इस अंतर की वजह से तोपों पर असर पड़ रहा है.
यूक्रेन तक कैसे पहुंच रहे पाकिस्तानी हथियार?
पाकिस्तान लंबे समय से आधिकारिक तौर पर यूक्रेन को हथियार देने से इनकार करता रहा है. हालांकि, अलग-अलग मौकों पर पाकिस्तान में बने 155mm तोप के गोले और दूसरे सैन्य उपकरण यूक्रेन में सामने आने की रिपोर्टें आई हैं. यूक्रेनी सेना की ओर से भी पाकिस्तानी गोलों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए हैं.
कुछ विश्लेषकों का दावा है कि पाकिस्तान सीधे यूक्रेन को हथियार भेजने के बजाय पोलैंड और दूसरे यूरोपीय देशों के जरिए सैन्य सामान पहुंचाता रहा है. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से यूक्रेन को हथियारों की सीधी सप्लाई की बात स्वीकार नहीं की गई है.
पाकिस्तान हथियार सप्लाई से करता रहा है इनकार
रूस के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान यूक्रेन को हथियार देने की बात खुलकर स्वीकार नहीं करता. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों और हथियारों से होने वाली कमाई को ध्यान में रखते हुए परोक्ष रूप से यूक्रेन तक सैन्य सामान पहुंचाता है.
ऐसे दावों के मुताबिक, पाकिस्तान सीधे यूक्रेन को हथियार देने के बजाय दूसरे देशों को उनकी सप्लाई करता है और वहां से ये सामान यूक्रेनी सेना तक पहुंचता है. हालांकि, इस पूरी सप्लाई व्यवस्था और पाकिस्तानी गोलों से हुए नुकसान के दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों की बातें सामने आई हैं.


