
प्रतापगढ़, अमृत विचार : पांडवकालीन तीर्थ स्थल भयहरणनाथ धाम के समीप स्थित पवित्र बकुलाही नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने ढोलनगाड़ों और जयकारों के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया। इस दौरान भक्त ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना बोलते रहे। गणेशोत्सव पर्व के समापन पर पं.जंग बहादुर महराज ने पूजन कराया। भक्तों ने विधिविधान से प्रथम पूज्य श्री गणेश का पूजन अर्चन व आरती की।
इसके बाद एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अबीरगुलाल उड़ाते और भजनों पर थिरकते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए बकुलाही नदी तट पहुंची, जहां भक्तों ने नम आंखों से बप्पा को अंतिम विदाई दी और सुखसमृद्धि की कामना करते हुए प्रतिमाओं को नदी में प्रवाहित किया। सुरक्षा व व्यवस्था के दृष्टिकोण से स्थानीय पुलिस मुस्तैद रही। विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। विसर्जन के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर उमेश महाजन, लालचंद्र केसरवानी, अनिल कुमार अग्रहरि, अखिलेश महाजन,संदीप महाजन, रामकृष्ण महाजन,राम कुमार प्रजापति,ओम अग्रहरि, विनायक अग्रहरि, अनमोल अग्रहरि,ज्योति महाजन, उर्मिला अग्रहरि,चंदा देवी,मीना देवी,शुभी अग्रहरि,आराध्या अग्रहरि,वैभवी, मान्या,सोना अग्रहरि समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
बारिश के बीच संग्रामगढ़ में भी निकली विसर्जन यात्रा
वहीं संग्रामगढ़ में भी शुक्रवार को बारिश के बीच संग्रामगढ़ बाजार स्थित बाल गोपाल के राजा गणेश पंडाल की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। विसर्जन यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। प्रतिमा को ट्रॉली पर सजाकर डीजे और झांकी के साथ करीब 3 किलोमीटर लंबी विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा डाक बंगला चौराहा और संग्रामगढ़ गांव होते हुए खंनवारी शारदा सहायक नहर पहुंची, जहां मुख्य प्रतिमा का विसर्जन किया गया। पंडाल की प्रतिमा को कमेटी के सदस्य नाचते गाते कालाकांकर पहुंचे और मूर्ति का विसर्जन किया।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संग्रामगढ़ पुलिस मौके पर मौजूद रही। बताया गया कि बाल गोपाल गणेश पंडाल पिछले करीब 20 वर्षों से संग्रामगढ़ बाजार के पास सजाया जा रहा है। कमेटी अध्यक्ष पन्नालाल गुप्ता ने विसर्जन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।



