भारतीय टेस्ट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम मैनेजमेंट लगातार युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहा है। अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई टीम में जसप्रीत बुमराह , मोहम्मद सिराज , प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार जैसे तेज गेंदबाजों को जगह मिली थी। इसके बाद भी कुछ अनुभवी गेंदबाज लगातार टीम से बाहर हैं।

मोहम्मद शमी के लिए दरवाजा बंद होता दिख रहा
भारतीय टेस्ट टीम मोहम्मद शमी की वापसी का इंतजार लंबे समय से हो रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी अपनी फिटनेस और प्रदर्शन साबित करने की कोशिश की, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट टीम में नहीं चुना। मई 2026 में मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने साफ कहा था कि शमी के टेस्ट क्रिकेट में लौटने को लेकर चयनकर्ताओं के बीच चर्चा ही नहीं हुई थी। उनके मुताबिक उस समय शमी का शरीर टी20 क्रिकेट के लिए ही तैयार था।
इसके बाद श्रीलंका दौरे की भारतीय टेस्ट टीम में भी शमी का नाम नहीं आया। सितंबर में पूर्व भारतीय गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने भी शमी को लेकर चयनकर्ताओं के रवैये पर सवाल उठाए।
उमेश यादव भी लंबे समय से भारतीय Test team से बाहर
उमेश यादव भारतीय टेस्ट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज हैं, लेकिन वह लंबे समय से राष्ट्रीय टीम की योजनाओं से बाहर हैं। वह आखिरी बार 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत के लिए खेले थे। घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहने के बावजूद उनकी वापसी नहीं हो सकी।
हाल ही में उमेश ने विदर्भ का साथ छोड़ने का फैसला किया है और आगामी घरेलू सत्र के लिए दूसरी भारतीय टेस्ट टीम से खेलने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अभी भी क्रिकेट में योगदान देना चाहते हैं। भारत के लिए घरेलू टेस्ट में उनके आंकड़े भी शानदार रहे हैं, लेकिन मौजूदा चयन नीति में युवा तेज गेंदबाजों को प्राथमिकता मिल रही है।
भुवनेश्वर कुमार की Test team में वापसी पर भी नहीं बनी बात
भुवनेश्वर कुमार का नाम भी पिछले कुछ महीनों में भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की चर्चा के बीच सामने आया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 28 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनकी टीम इंडिया में वापसी की मांग तेज हुई, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें सीमित ओवरों की टीम में भी जगह नहीं दी।
भुवनेश्वर ने सितंबर में बताया कि उन्हें एक समय उम्मीद थी कि लगातार दो सीरीज के बाद उनकी वापसी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर मुख्य रूप से सीमित ओवरों में रहा है और वह नवंबर 2022 के बाद भारत के लिए नहीं खेले हैं। इसलिए टेस्ट टीम में वापसी उनके लिए और भी कठिन दिखाई देती है।
फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम में तेज गेंदबाजी का दारोमदार नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर बढ़ता दिख रहा है। ऐसे में शमी, उमेश और भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाजों के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं है। हालांकि अंतिम फैसला हमेशा चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों के प्रदर्शन व फिटनेस पर निर्भर करेगा।



