शेयर बाजार में निवेश करने की इच्छा तो बहुत से लोगों की होती है, लेकिन सही शेयर चुनना और हर कंपनी की बैलेंस शीट व वित्तीय आंकड़ों को समझना आसान नहीं होता. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए HDFC SKY ने अपने प्लेटफॉर्म पर Basket Investing फीचर पेश किया है. इसके जरिए निवेशक एक साथ कई शेयरों या ETF में निवेश कर सकते हैं.

क्या है Basket Investing?
Basket Investing को आसान भाषा में एक तैयार पोर्टफोलियो की तरह समझ सकते हैं. जैसे किसी रेस्टोरेंट में अलगअलग चीजें चुनने के बजाय पूरी थाली ऑर्डर की जाती है, वैसे ही इसमें निवेशक एक ही बास्केट के जरिए कई शेयर या ETF खरीद सकता है.
इन बास्केट्स को अलगअलग थीम या निवेश रणनीति के आधार पर तैयार किया जाता है. इनमें ग्रोथ, क्वालिटी या किसी खास सेक्टर से जुड़े शेयर शामिल हो सकते हैं. इससे निवेशक को हर शेयर अलग से खोजने और ऑर्डर करने की जरूरत कम हो जाती है.
एक क्लिक में पूरा बास्केट खरीदने की सुविधा
HDFC SKY के अनुसार, Basket Investing में किसी बास्केट में शामिल शेयरों या ETF को एक साथ खरीदा जा सकता है. यानी अगर किसी बास्केट में कई कंपनियां शामिल हैं, तो हर कंपनी के लिए अलगअलग ऑर्डर लगाने के बजाय एक ही प्रक्रिया में निवेश किया जा सकता है.
इसकी एक खास बात यह है कि खरीदे गए शेयर निवेशक के अपने डीमैट अकाउंट में आते हैं. यानी निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों और उनमें किए गए निवेश पर सीधा नियंत्रण मिलता है.
Rebalancing से पोर्टफोलियो में बदलाव
बास्केट को उसकी तय रणनीति के अनुसार समयसमय पर रिव्यू और रीबैलेंस किया जा सकता है. इसका उद्देश्य बाजार या संबंधित थीम में होने वाले बदलावों के अनुसार बास्केट की संरचना को बनाए रखना है.
निवेशक अपने पोर्टफोलियो में यह भी देख सकता है कि किस शेयर में कितना निवेश है. जरूरत के अनुसार बास्केट में शामिल किसी खास शेयर को अलग से बेचने का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है.
निवेशकों को क्या फायदा?
Basket Investing का सबसे बड़ा फायदा Diversification है. निवेश एक ही कंपनी तक सीमित न रहकर कई कंपनियों में फैल जाता है. इससे किसी एक कंपनी से जुड़े जोखिम का असर पूरे पोर्टफोलियो पर कम हो सकता है.
इसके अलावा, इसमें म्यूचुअल फंड की तरह फंड के एक्सपेंस रेशियो की व्यवस्था नहीं होती, क्योंकि निवेशक सीधे शेयर या ETF खरीदता है. हालांकि ब्रोकरेज और अन्य लागू ट्रांजेक्शन चार्ज लग सकते हैं.
किन निवेशकों के लिए उपयोगी?
यह सुविधा उन नए निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जो शेयर चुनने में ज्यादा समय नहीं देना चाहते. अनुभवी निवेशक भी किसी खास थीम या सेक्टर में एक साथ निवेश करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. लॉन्ग टर्म निवेशक भी अपने लक्ष्य के मुताबिक बास्केट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
जोखिम को नजरअंदाज न करें
Basket Investing से डायवर्सिफिकेशन बढ़ सकता है, लेकिन इससे शेयर बाजार का जोखिम खत्म नहीं होता. अगर बास्केट किसी एक सेक्टर पर केंद्रित है और उस पूरे सेक्टर में गिरावट आती है, तो बास्केट के मूल्य पर भी असर पड़ सकता है. इसे Concentration Risk कहा जाता है.
इसलिए निवेश करने से पहले बास्केट की संरचना, निवेश रणनीति, शुल्क और जोखिम को समझना जरूरी है. बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन होता है और Basket Investing भी इससे अलग नहीं है.



