
लखनऊ ,अमृत विचार : यूपी में बंगाल की खाड़ी के दबाव और चक्रवाती स्थिति के कारण भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते कई जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है। बारिश,आंधी व वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए शासन ने 27 सितंबर तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 59 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और मौसम की हर चेतावनी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। लगातार बारिश व ठंडी हवा के कारण अधिकतम तापमान में पांच से दस डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है।
25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरजचमक का अलर्ट
अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के अनुसार पूर्वी यूपी में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरजचमक व तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी यूपी में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरजचमक का अलर्ट है। वहीं, भारी बारिश के कारण तैयार फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। कटाई के ठीक पहले आई इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बाराबंकी, गोंडा, फतेहपुर व श्रावस्ती समेत प्रदेश के कई जिलों में कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी धान की फसलें तेज हवा पानी के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। उरद, मूंग, तिल जैसी दलहन और तिलहन फसलों के साथसाथ अगेती आलू, मटर, टमाटर, लौकी, कद्दू, फूलगोभी, पत्तागोभी और धनिया जैसी सब्जियों को भारी नुकसान तय है।
रेड अलर्ट वाले जिलों में खास सतर्कता
लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में भी अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
बाढ़ की आशंका पर राहत एजेंसियां तैयार
आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी समेत कई जिलों के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा और राहत एजेंसियों को जरूरत के मुताबिक तैयार रखने को कहा गया है।
रिपोर्ट: अर्पित शुक्ल
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