Meerut News: उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के छावनी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला की मौत होने पर परिवार के लोग मातम में डूबे हुए थे. वहीं, परिवार के लोग महिला के अंतिम संस्कार की तैयारियों में लगे थे. इसी दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम घर के बाहर खड़ी होंडा सिटी कार को क्रेन की मदद से उठाकर ले गई. कार उठाए जाने पर कार मालिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि गाड़ी के अंदर रुपये और घर का सामान रखा था, लेकिन कार ले जाते समय परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई.

कार मालिक ने कहा कि बाद में जब कार की तलाश की गई तो पता चला कि उसे परिवहन विभाग के अधिकारी ले गए हैं. आरटीओ कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बावजूद कार के साथ उसमें रखे पैसे और सामान वापस नहीं मिलने का आरोप है. हालांकि, परिवहन विभाग ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है.
मां की मौत के बाद घर के बाहर खड़ी थी कार
रंजीतपुरी निवासी मनीष अग्रवाल के मुताबिक, 15 सितंबर की सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मां का निधन हो गया था. इसके बाद परिवार के लोग घर पर शव के पास बैठे हुए थे और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे. मनीष का आरोप है कि इसी दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम उनके घर के बाहर पहुंची और वहां खड़ी होंडा सिटी कार को क्रेन की मदद से उठाकर ले गई. परिवार उस समय मां की मौत के चलते शोक में था, इसलिए उन्हें कार ले जाने की जानकारी बाद में हुई. मनीष के मुताबिक कार के अंदर कुछ रुपये और घर का सामान भी रखा हुआ था. जब काफी देर बाद कार दिखाई नहीं दी तो परिवार ने आसपास तलाश की और मामले की जानकारी पुलिस को दी.
डायल112 पर दी सूचना
कार गायब होने के बाद मनीष ने डायल112 पर सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई. जांच के दौरान पता चला कि कार को परिवहन विभाग के अधिकारी अपने साथ ले गए हैं. इसके बाद परिवार ने परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंचकर कार वापस लेने और वाहन में रखे सामान के बारे में जानकारी मांगी. मनीष का आरोप है कि कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कार, उसमें रखी धनराशि और सामान नहीं मिल पाया.
परिवहन विभाग ने आरोपों को बताया निराधार
कार मालिक मनीष ने कहा कि आरटीओ अनीता सिंह और एआरटीओ सुधांशु रंजन से मुलाकात कर वाहन छोड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया. उनका आरोप है कि अधिकारियों से गुहार के बावजूद कार वापस नहीं की गई. उनका कहना है कि वाहन की कीमत, कार में रखी धनराशि और सामान के संबंध में भी कोई राहत नहीं मिली.
एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वाहन जब्त करते समय उसकी स्थिति दिखाई जाती है. कार में रुपये और सामान रखे होने की बात सही नहीं है. उन्होंने बताया कि यदि किसी वाहन को गलती से जब्त किया गया है तो उसके दस्तावेज प्रस्तुत कर उसे वापस लिया जा सकता है.



