समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का निधन हो गया है. वह 74 साल के थे. कुछ दिन पहले ही सपा के मुखिया अखिलेश यादव रामगोविंद चौधरी से मिलने PGI हॉस्पिटल पहुंचे थे, तब उन्होंने आखिरी इच्छा यही जताई थी कि अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाना है. उनके निधन से समाजवादी पार्टी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. अखिलेश यादव और शिवपाल यादव समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है.

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, ‘समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद!ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. भावपूर्ण श्रद्धांजलि’.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद !
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि ! pic.twitter.com/8GeCP8UcpT
— Akhilesh Yadav September 25, 2026
इसी तरह शिवपाल सिंह यादव ने अपने पोस्ट में लिखा है, ‘समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें’.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। pic.twitter.com/jAhZK5E0jR
— Shivpal Singh Yadav September 25, 2026
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनके निधन पर शोक जताया है और लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है. मैं भगवान श्री राम जी से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें’.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री राम गोविंद चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकसंतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने का संबल प्रदान करें।
— Keshav Prasad Maurya September 25, 2026
छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत
रामगोविंद चौधरी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी. उसके बाद उन्होंने कई दशकों तक विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया. वो एकदो बार नहीं बल्कि 8 बार विधायक रहे और साल 2017 में यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बने थे. विधानसभा के आधिकारिक रिकार्ड में उनके 8 कार्यकाल का जिक्र है.
ग्रेजुएशन के बाद LLB की डिग्री
7 सितंबर 1953 को बलिया के गोसाईपुर गांव में जन्मे रामगोविंद चौधरी ने ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी की डिग्री भी हासिल की थी. उनकी ये शैक्षणिक योग्यता यूपी विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज है. राजनीति में आने से पहले वह छात्र राजनीति में काफी सक्रिय थे. दिलचस्प बात ये है कि जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी वह काफी सक्रिय थे और आपातकाल के दौरान वह जेल भी गए थे.
1977 में पहली बार बने थे विधायक
राम गोविंद चौधरी ने साल 1977 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था और विधायक बने थे. उन्होंने यह जीत चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से मिली थी. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल 1980, 1985 और 1989 में भी वह जीते थे. वह मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री भी रहे थे.



