
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवकों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को रिश्तेदार बताकर पहले उनका भरोसा जीता और फिर उनकी सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया और उनके पैर भी छुए। इसके बाद अंगूठी के डिजाइन की तारीफ करते हुए उसी तरह की अंगूठी बनवाने की बात कही।
‘मौसा जी’ कहकर शुरू की बातचीत
जानकारी के मुताबिक, 70 वर्षीय सुभाष कुमार वर्मा बाजार में सामान लेने गए थे। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों ने ऐसा व्यवहार किया, जैसे वे बुजुर्ग को पहले से जानते हों।
एक युवक ने उन्हें ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया। इसके बाद उसने अपने साथी से बुजुर्ग के पैर छूने के लिए कहा। युवक ने आगे बढ़कर पैर छुए और बुजुर्ग ने उसे आशीर्वाद दिया। इस तरह आरोपियों ने कुछ ही देर में बुजुर्ग का भरोसा हासिल कर लिया।
अंगूठी पर थी आरोपियों की नजर
इसके बाद आरोपियों ने अंगूठी खरीदने को लेकर बातचीत शुरू की। एक युवक ने फोन पर किसी को अंगूठी गिफ्ट करने की बात करने का नाटक किया। इसी दौरान उसकी नजर सुभाष कुमार वर्मा की अंगूठी पर पड़ी।
आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि उसे इसी डिजाइन की अंगूठी बनवानी है। उसने बुजुर्ग से अंगूठी दिखाने के लिए मांगी। बुजुर्ग ने अपनी अंगूठी उतारकर उसे दे दी।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहली बार अंगूठी वापस कर दी। इससे बुजुर्ग को उस पर शक नहीं हुआ। कुछ देर बाद आरोपियों ने दोबारा उसी अंगूठी की बात शुरू की और उसे फिर से मांग लिया।
दूसरी बार अंगूठी लेकर भाग निकले
इस बार बुजुर्ग ने दोबारा अपनी अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दी। आरोप है कि अंगूठी हाथ में आते ही दोनों युवक वहां से निकल गए। जाते समय उन्होंने बुजुर्ग से कथित तौर पर कहा कि उनकी पत्नी बुजुर्ग के घर पर हैं और वह भी वहीं आ जाएं।
बुजुर्ग जब घर पहुंचे तो वहां कोई ऐसी महिला नहीं थी। इसके बाद उन्हें समझ आया कि जिन युवकों को वह अपना रिश्तेदार समझ रहे थे, उन्होंने भरोसा जीतकर उनकी अंगूठी ठग ली।
शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
ठगी का पता चलने के बाद सुभाष कुमार वर्मा ने 13 सितंबर को सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार शर्मा और काली



