
गंगा नदी पर बने नए समानांतर रेल पुल को जोड़ने के लिए चल रहा है नॉन-इंटरलॉकिंग का काम।
बिहार आने-जाने वाली 51 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें आगामी आदेश तक रद्द रहेंगी।
यात्रियों की असुविधा से बचने के लिए 47 ट्रेनों को बदले हुए वैकल्पिक रूट से चलाया जा रहा है।
यदि आप आने वाले दिनों में रेल मार्ग से बिहार की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए भारी संख्या में ट्रेनों का परिचालन प्रभावित किया है। गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक राजेंद्र पुल के समानांतर तैयार नए आधुनिक रेल पुल को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। इस तकनीकी प्रक्रिया के कारण रेलवे प्रशासन ने कुल 51 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द करने का निर्णय लिया है, जबकि लगभग 47 गाड़ियों के मार्ग में बदलाव किया गया है।
यह पूरा मेगा ब्लॉक मोकामा और बरौनी के बीच स्थित महत्वपूर्ण रेल खंड पर लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नॉन-इंटरलॉकिंग का यह चरणबद्ध कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही न केवल सुगम होगी, बल्कि दशकों पुरानी ट्रैफिक दबाव की समस्या से भी स्थाई रूप से निजात मिल जाएगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि स्टेशन पर पहुंचकर किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नया रेल पुल और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की मुख्य वजह
बिहार की जीवन रेखा कहे जाने वाले मोकामा के समीप गंगा नदी पर बने पुराने राजेंद्र पुल की उम्र और क्षमता को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने कई साल पहले एक नए समानांतर डबल-लाइन पुल के निर्माण की परियोजना को हरी झंडी दिखाई थी। लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह नया पुल अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। इसे अपर हाथीदह जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन के मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए ही वर्तमान में नॉन-इंटरलॉकिंग का भारी काम किया जा रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि साल 1959 से संचालित होने वाला पुराना राजेंद्र पुल सिंगल रेल लाइन पर आधारित था, जिस पर लगातार बढ़ते दबाव के कारण ट्रेनों के संचालन में अक्सर विलंब होता था। नया समानांतर पुल चालू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और माल ढुलाई तथा यात्री सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। इसी तकनीकी एकीकरण के वास्ते रेलवे को यह कड़ा कदम उठाते हुए कुछ दिनों के लिए ट्रेनों के पहिए रोकने पड़े हैं।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों की सूची और यात्रियों की मुश्किलें
रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन 51 गाड़ियों को रद्द किया गया है, उनमें देश के विभिन्न हिस्सों से बिहार को जोड़ने वाली कई लोकप्रिय एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें शामिल हैं। सूची में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस, कोलकाता-आरा पटना गरीब रथ, सियालदह-जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस और मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा गोरखपुर-आसनसोल एक्सप्रेस, मालदा टाउन-पटना एक्सप्रेस, खुर्दा रोड-पटना स्पेशल, हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, झांसी-कोलकाता सुपरफास्ट एक्सप्रेस, टाटानगर-जयनगर एक्सप्रेस, बिलासपुर-بक्सर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, पुरी-पटना एक्सप्रेस और कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस के पहिए भी थम गए हैं। अचानक ट्रेनों के रद्द होने से उन यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिन्होंने महीनों पहले अपने आरक्षण करा रखे थे।
मार्ग परिवर्तन (डाइवर्ट) की गई ट्रेनें और वैकल्पिक व्यवस्था
रद्द ट्रेनों के अलावा रेलवे ने लगभग 47 गाड़ियों के रूट में बदलाव किया है ताकि लंबी दूरी के यात्रियों को कुछ राहत मिल सके। जिन प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं उनमें अमृतसर-हावड़ा मेल, हावड़ा-रामबाग विभूति एक्सप्रेस, पटना-जसीडीह एक्सप्रेस, पटना-दुमका एक्सप्रेस, दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल और अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस शामिल हैं।
इनके अतिरिक्त पटना-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस, सियालदह-बलिया एक्सप्रेस, आरा-न्यू जलपाईगुड़ी कैपिटल एक्सप्रेस, कामाख्या-आरा कैपिटल एक्सप्रेस, देहरादून-हावड़ा कुंभ एक्सप्रेस और आनंद विहार टर्मिनल-भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्गों से गंतव्य तक पहुंचाई जा रही हैं।
यात्रा से पहले ऐसे चेक करें अपनी ट्रेन का स्टेटस
इस बड़े पैमाने पर फेरबदल के कारण यात्रियों के मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों के टिकट रद्द हुई ट्रेनों में थे, उन्हें पूरा रिफ्रंड स्वचालित रूप से या टीडीआर फाइल करने पर मिल जाएगा। यात्रा करने से पहले यात्रियों से अनुरोध है कि वे भारतीय रेलवे के आधिकारिक पूछताछ नंबर 139 पर कॉल करें या एनटीईएस (NTES) ऐप तथा आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिए अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस अस्थायी असुविधा के एवض में भविष्य में क्षेत्र के लोगों को एक बेहद मजबूत और आधुनिक रेल नेटवर्क का लाभ मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जहां कर्मचारी लगातार सहायता प्रदान कर रहे हैं.



