Ram Mandir Chadhawa Chori : के में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच के बाद पुलिस ने आठ लोगों को आरोपी बनाया है, जबकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय , पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। तीनों को मामले में गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख है।

3 और 4 जून को सामने आई थी चोरी
पुलिस की जांच के मुताबिक, मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम चोरी करने की घटनाएं 3 और 4 जून को सामने आई थीं। 3 जून को गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लव कुश मिश्रा को नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखा था। इसके अगले दिन यानी 4 जून को भी चोरी की घटना सामने आई। अविनाश शुक्ला को गणना कर्मी संत प्रसाद वर्मा ने चोरी करते हुए देखा। इसके बाद गेट पर चेकिंग शुरू की गई। तलाशी के दौरान अविनाश के पास से 2.25 लाख रुपये बरामद किए गए, जिन्हें बाथरूम में छिपाया गया था। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज समेत कई दूसरे सबूतों को भी शामिल किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंदिर परिसर के सीसीटीवी में चोरी से जुड़ी कई घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं।
चंपत राय को 4 जून को मिली थी चोरी की जानकारी
चार्जशीट में दर्ज जानकारी के अनुसार, 4 जून की रात अयोध्या पहुंच रहे चंपत राय को मामले की जानकारी दी गई थी। उन्हें चोरी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी भेजे गए थे। 5 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय ने कारसेवकपुरम में अनिल मिश्रा और गोपाल राव के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी के सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए गए थे। चार्जशीट में चंपत राय के 7 जून को दिए गए बयान का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने उस समय कहा था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समयसमय पर आंतरिक ऑडिट किया जाता है और इसमें ट्रस्ट के साथ भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।
13 जून को बनी थी SIT
मामले की जांच के लिए सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद 25 जून 2026 को राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई। अब पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें पहले से आरोपी बनाए गए आठ लोगों के अलावा किसी नए व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है।
133 गवाहों की सूची में चंपत राय और अनिल मिश्रा
चार्जशीट में कुल 133 गवाहों को शामिल किया गया है। इनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अलावा शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन, मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोग और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को गवाह बनाए जाने का मतलब है कि मामले की सुनवाई के दौरान उनके बयान अदालत में दर्ज किए जा सकते हैं।
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सीसीटीवी में कई बार चोरी का दावा
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। चार्जशीट से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, अविनाश शुक्ला कई बार चढ़ावे की रकम चोरी करते हुए दिखाई दिया। उसके अलावा अन्य आरोपियों पर भी चोरी करने या चोरी में मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के साथ आरोपियों से बरामद रकम, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। इस मामले में अब अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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