
लखनऊ, अमृत विचारः उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी ने प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय के शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अतिवृष्टि और आंधीतूफान से प्रदेश में 57 लोगों की मौत, 26 लोग घायल और 18 पशुओं की भी जान गई है। बारिश से 117 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि संबंधित अधिकारी फसल नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन करें। प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाए, जिससे उन्हें मुश्किल समय में राहत मिल सके।
प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है और पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश हुई। अमौसी के मौसम केंद्र के विज्ञानी ने बताया कि यह प्रणाली शनिवार शाम तक दक्षिणपूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए अवसाद के रूप में बनी रहने की संभावना है और उसके बाद अगले 12 घंटों के दौरान धीरेधीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित हो जाएगी।
मकानदीवार गिरने और आंधी के हादसे बने जानलेवा, जानें कहां कितने मरे
बारिश और आंधी से प्रदेश में 57 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मिली जानकारी के अनुसार बाराबंकी में चार,अयोध्या में तीन, गोंडाबहराइच में दोदो, हरदोई, अमेठी, श्रावस्ती में एक की मौत, लखीमपुर खीरी में चार, बांदा, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एकएक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी लोगों की मौत की सूचना मिली है। उक्त मौतों की प्रमुख वजह मकान अथवा दीवार गिरना और आंधी के दौरान हुए हादसे हैं।
117 मकान क्षतिग्रस्त
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक बारिश और आंधी से प्रदेश में 117 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें बांदा में 32, जालौन में 21 और हरदोई में 14 मकान क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। औरैया और पीलीभीत में सातसात, बहराइच और सुल्तानपुर में पांचपांच मकानों को नुकसान पहुंचा है। अन्य प्रभावित जिलों में भी कच्चे मकान, दीवार और छप्पर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
धान समेत खरीफ फसलों को नुकसान
भारी बारिश और तेज हवा का सबसे अधिक असर पकने के करीब पहुंची धान की फसल पर पड़ा है। गोंडा में धान और गन्ने में 20 से 25 प्रतिशत तक प्रारंभिक नुकसान तथा श्रावस्ती में धान में करीब 25 प्रतिशत और सब्जियों में करीब 50 प्रतिशत नुकसान का स्थानीय प्रारंभिक अनुमान सामने आया है। बलरामपुर और सीतापुर में धान में करीब 10 से 15 प्रतिशत तथा अंबेडकरनगर में करीब 10 प्रतिशत नुकसान की सूचनाएं हैं। ये आंकड़े स्थानीय प्रारंभिक आकलन हैं। बारिश से धान के अलावा तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द और मूंग जैसी खरीफ फसलों को भी नुकसान की आशंका है। तेज हवा से ज्वारबाजरा के पौधे टूटने तथा जलभराव से लौकी, तरोई, कद्दू और करेला जैसी सब्जियों के प्रभावित होने की रिपोर्ट है। तोरिया की बोआई भी बारिश के कारण प्रभावित होने की आशंका है।
प्रभावित लोगों को तुरंत दें राहत, मुआवजे में न हो देरी : योगी
लगातार हो रही भारी बारिश और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि संबंधित अधिकारी फसल नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन करें। प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाए, जिससे उन्हें मुश्किल समय में राहत मिल सके। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को तत्काल राहत एवं शरणालय केंद्रों तक पहुंचाने और वहां उनके लिए भोजन, रहने समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। जिन परिवारों के घर बारिश में गिर गए हैं और वे बेघर हो गए हैं, उन्हें भी राहत एवं शरणालय केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सीएम ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, प्रदेश के राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारी की समीक्षा की है।
20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेज हवा के साथ कई इलाकों में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का असर रविवार तक बने रहने की संभावना है।


