
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है। उनका मूल नाम दीपक पटेल बताया जा रहा है। वह केली कुंज आश्रम के पास स्थित गुरु कृपा कुंज भवन में रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, युवक चौथी मंजिल से नीचे गिर गया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज से सामने आई घटनाक्रम की जानकारी
पुलिस ने आश्रम परिसर के CCTV कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। फुटेज में रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकलते और सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते दिखाई देने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि वह उस समय गंभीर रूप से घायल अवस्था में थे। इसके बाद वह चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे और कुछ देर वहां रहे। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह छत की बाउंड्री से नीचे गिर गए।
घटना के दौरान वहां से गुजर रहा एक साइकिल सवार भी बाल-बाल बच गया।
शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों की बात सामने आई है। चौथी मंजिल से गिरने के कारण सिर, चेहरे, हाथ-पैर और एड़ियों में गंभीर चोटें मिलीं।
रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर पहले से लगी चोट के कारण भी काफी रक्तस्राव हुआ था। डॉक्टरों ने अत्यधिक रक्तस्राव और उसके बाद हुए शॉक को मौत के प्रमुख कारणों में बताया है।
नशे या किसी अन्य पदार्थ के इस्तेमाल की भी जांच
घटना की परिस्थितियां असामान्य होने के कारण पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। यह पता लगाने के लिए कि घटना के समय मृतक के शरीर में किसी नशीले पदार्थ या अन्य रसायन का प्रभाव था या नहीं, ब्लड और विसरा के नमूने फोरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं।
इसके अलावा CCTV फुटेज की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
रूममेट से भी पूछताछ
घटना के समय कमरे में मौजूद रूममेट जुगल शरण की भूमिका और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर भी पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले मृतक की स्थिति कैसी थी और कमरे में मौजूद सामान का इस्तेमाल किस तरह हुआ।
घटनास्थल से फिलहाल किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी नहीं है।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। मृतक घटना से पहले किस मानसिक या शारीरिक स्थिति में थे? वह कमरे से निकलकर छत तक कैसे पहुंचे? घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था? क्या किसी अन्य व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका थी?
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों व आश्रम से जुड़े लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।



